भू अर्जन विभाग के उपेक्षा से त्रस्त पीड़ित ने उपमुख्यमंत्री की जनकल्याण सुनवाई में किया हंगामा।

-एन एच-2 के किनारे बसे पीड़ित का विभाग ने साल भर पूर्व तोड़ दिया था मकान 
-मुआवजा के लिए दर-दर भटक राहत पीड़ित मथुरा
-बाराचट्टी सीओ समेत अन्य वरीय अधिकारियों के खिलाफ लगे भ्रष्टाचार के आरोप
 रिपोर्ट: विनोद विरोधी
 गया, बिहार। 
जिले के बोधगया स्थित महाबोधि सांस्कृतिक केंद्र में उपमुख्यमंत्री व राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिंह के द्वारा आयोजित जन कल्याण सुनवाई में बाराचट्टी के एक पीड़ित ने जमकर हंगामा किया। पीड़ित व्यवसायी मथुरा प्रसाद ने बताया कि भू अर्जन विभाग समेत पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने एन एच-2 के किनारे बसे मेरे मकान को एक साल पूर्व बिना मुआवजे के भुगतान किये जबरन तोड़ दिया है। मुआवजा के लिए जिला मुख्यालय से लेकर पटना तक की चक्कर लगा चुका हूं, लेकिन किसी भी अधिकारी के कान पर जूं तक नहीं रेंग रहा है।मजबूरन आज हमें यह कदम उठाना पड़ा है।पीड़ित मथुरा प्रसाद जिले के बाराचट्टी प्रखंड के शोभ बाजार के रहने वाले हैं, जहां वे अपना सब्जी का व्यवसाय करते थे। विदित हो कि वर्ष 2016 में जीटी रोड के चौड़ीकरण के दौरान भू अर्जन विभाग ने उनके जमीन का अधिग्रहण की सूचना दी। मुआवजे के लिए पीड़ित ने सभी कागजात प्रस्तुत किया। किंतु अधिकारियों की भ्रष्ट नीति के कारण लगातार मुआवजा भुगतान में टाल मटोल करते रहे हैं ।बीते एक साल पूर्व जीटी रोड के निर्माण के दौरान पुलिस प्रशासन एवं भू अर्जन विभाग के अधिकारियों समेत अन्य स्थानीय पदाधिकारी ने दलबल के साथ जबरन मकान को तोड़ दिया तथा सारा सामान एन एच2 के किनारे छोड़ दिया। इससे पीड़िता का लाखों रुपए की नुकसान हुआ है तथा वह सड़क पर आ गया है। प्रशासनिक उदासीनता से आहत पीड़ित मथुरा प्रसाद ने आज अपनी फरियाद सुनाने उपमुख्यमंत्री की जनकल्याण सुनवाई में पहुंचा और उग्र हो गया। सुनवाई के दौरान बाराचट्टी के अंचल अधिकारी के खिलाफ भी आवाज मुखर हुआ। किसी तरह हंगामा को शांत कराया गया है ।अब देखना है कि इतना होने के बावजूद न्याय के साथ विकास का दम्भ भरने वाली डबल इंजन की सरकार द्वारा पीड़ित को न्याय मिल पाता है अथवा नहीं?

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