दतिया को 'बाल विवाह मुक्त' बनाने का संकल्प - डॉ. नरोत्तम मिश्रा
पूर्व गृहमंत्री ने जागरूकता रथ को दिखाई हरी झंडी।
डॉ. रामजी शरण राय
दतिया, मध्य प्रदेश।
जिले में सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध जंग और बच्चों के सुरक्षित भविष्य को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से धरती संस्था द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। माननीय डॉ. नरोत्तम मिश्रा पूर्व गृह मंत्री मध्यप्रदेश शासन ने "बाल विवाह मुक्त भारत" अभियान के तहत 'बाल विवाह मुक्ति रथ' को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रथ जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर लोगों को बाल विवाह के कानूनी दुष्प्रभावों और सामाजिक नुकसान के प्रति जागरूक करेगा।
कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के प्रमुख रूप से गणमान्य नागरिक और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। जिनमें मुख्य रूप से श्री रघुवीर कुशवाहा जिला अध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी दतिया, श्री धीरू दांगी प्रतिनिधि जिला पंचायत अध्यक्ष दतिया,श्री योगेश सक्सेना प्रतिनिधि नगरपालिका उपाध्यक्ष दतिया श्री नाहर सिंह यादव जी अध्यक्ष पूर्व नगरपालिका दतिया श्री रामजीशरण राय सदस्य बाल कल्याण समिति दतिया, श्री विकास शुक्ला शिक्षा विभाग, बृजेश दुबे, सेठी सेन पार्षद नगर पालिका दतिया उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. नरोत्तम मिश्रा और अन्य उपस्थित अतिथियों ने 'हस्ताक्षर अभियान' में हिस्सा लिया और रथ पर बने बैनर पर अपने हस्ताक्षर कर इस मुहिम को अपना समर्थन दिया।
रथ पर स्पष्ट रूप से चेतावनी अंकित है कि: लड़कों के लिए 21 वर्ष और लड़कियों के लिए 18 वर्ष से कम उम्र में विवाह करना दंडनीय अपराध है। बाल विवाह कराने वाले माता-पिता, रिश्तेदार और यहाँ तक कि विवाह संपन्न कराने वाले पंडित, मौलवी या पादरी को भी 2 साल तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है।
विवाह में सेवा देने वाले बैंड वाले, हलवाई और टेंट संचालकों पर भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
इस रथ का आयोजन धरती संस्था, दतिया द्वारा किया गया है, जो 'एक्सेस टू जस्टिस' (Access to Justice) और 'बाल विवाह मुक्त भारत' मिशन के तहत काम कर रही है।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने सामूहिक संकल्प लिया कि "आइये हम सब मिलकर इसे जड़ से मिटाएं और सब बच्चों को उनके अधिकार दिलाएं।" "बच्चों के हाथों में खिलौने और किताबें होनी चाहिए, न कि गृहस्थी की जिम्मेदारी। दतिया को बाल विवाह मुक्त बनाना हमारा साझा लक्ष्य है।"
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