पवित्र रमजान 19 फरवरी से शुरू,बाजारों की रौनक बढ़ी, खरीदारी के लिए अपार भीड़।

शहाबुद्दीन अहमद
बेतिया, बिहार।
रमजान का पवित्र महीना 19 फरवरी से शुरू होगी।इसकी तैयारी हेतु बाजारों मेंअपार भीड़ लगी हुई है,इस माह में कामआने वाले खाने पीने के समान की खरीदारी जोरों पर है,प्रत्येक मुस्लिम समुदाय के प्रत्येक परिवार के लोग रमजान के रोजा की तैयारी के लिए कटिबद्ध हैं। इस पवित्र महीने में मुस्लिम समुदाय के महिलाएं,पुरुष बच्चे,रोजा रखते हैं,इबादत में लीन रहते हैं।रोजा खोलने अफ्तार में खाने पीने के लिएशरबत,खजूर,फल,चना चना दाल,बेसन,तेल जैसे अन्य सामानों की खरीदारी आवश्यक होती है,जिससे स्वादिष्ट भोजन बनाकर  रोजा खोलते हैं।मगरिब का नमाजअदा करने के बाद लोग चाय,पान,सिगरेट,सुरती काअपना इस्तेमाल करते हैं।
1घंटे के बाद ईशा की नमाज तरावीह की नमाज पढ़ने के लिए लोग मस्जिदों में चले जाते हैं।तरावीह पढ़कर अपने-अपने घरों को लौटने के बाद खाना खाते हैं,इसमें विभिन्न प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजनों का इस्तेमाल किया जाता है।इसके बाद लोग आराम करने के लिए सोने के लिए चले जाते हैं।प्रातःकाल 3:00 बजे से पुनः उठकर सेहरी करके,चाय वगैरा पीकर मस्जिदों में लौट जाते हैं,वहां फजर की नमाज, कुरान की तिलावत,जिक्र, करने के बादअपने-अपने घरों में फिर लौटआते हैं। थोड़ी देर आराम करने चले जाते हैं।8:00 सुबह उठकर सब लोग अपने-अपने काम में लग जाते हैं,इसके बाद लोग 1:00 बजे जोहर की नमाजअदा करने के लिए मस्जिदों में फिर चले जाते हैं,मस्जिद में नमाज,कुरान की तिलावत,नफिल,जिक्र करके फिरअपनेअपने काम पर लौट जाते हैं,इसी तरह फिर असर की नमाज पढ़ने के लिए मस्जिदों में जाते हैं। नमाज अदा करने के बाद लोग बाजारों में जाकर अफतार करने के लिए फल खजूर,सेवई,दही,वगैरा
खरीद कर मगरिब के वक्त अजान का इंतजार करते हैं, अजान होने परअफ्तार करना शुरू कर देते हैं।अफ़्तार करने के बाद मगरिब की नमाज पढ़ने के लिए मस्जिदों में चले जाते हैं।इसी तरह क्रमवार सिलसिला पूरे रमजान महीने में चलता रहता है।इन दिनों खरीदारी करने के लिए मुस्लिम समुदाय के लोग काफी उत्सुक रहते हैं,बाजारों में जाकरअपनीआवश्यकता के सामान की खरीदारी करते हैं।नगर क्षेत्र में,लिबर्टी सिनेमा रोड,मीनाबाजार,लालबाजार जंगी मस्जिद के पास सभी तरह केआवश्यक सामानों की दुकानें सजी रहती हैं,जहां पर मुस्लिम समुदाय के लोग अपनीआवश्यकताओं के सामान की खरीदारी करते हैं। जैसे-जैसे रमजान का महीना गुजरता जाता है,लोग ईद की तैयारी भी शुरू करने लगते हैं,प्रत्येक मुस्लिम परिवार में ईद की तैयारी जबर्दस्त होती है,पुरुष,महिला,युवक,युवती,न्हे मुन्ने बच्चे सभीअपने आवश्यकता केअनुसार, कपड़ा,जूता,चप्पल,मौजा, टोपी,तौलिया,अतर,सुरमा की खरीदारी करते हैं।इस मौके पर सभी मस्जिदों में नमाज तरावीह होती है,किसी मस्जिद में 15 दिन में एक कलामपाक सुनकर तरावीह खत्म होता है तो किसी में 21 दिन में,किसी में 27 दिन में 
तरावीह खत्म होती है।
पवित्र रमजान केअवसर पर सभी मस्जिदों की साफ सफाई,पेंट,रंगरोगन,बिजली  से सजाया जाता है ताकि नमाजी लोग दिल लगाकर इबादत कर सकें। ईद के आते-आते पूरे बाजार में रौनक फैल जाती है, खरीदारों कीअपार भीड़ जमा हो जाती है।देहाती क्षेत्रों से भी लोगआकर अपनी अपनी खरीदारी,लिबर्टी सिनेमा रोड, मीनाबाजार,जंगी मस्जिद, लालबाजार के पासअपनी अपनीआवश्यक सामानों की खरीदारी करते हैं,जिससे ईद की तैयारी पूरी करते है।
मुस्लिम समुदाय के लोग 30 रोजा करने के बाद ईद की खुशी में झूम जाते हैं,इसकी तैयारी शुरू कर देते हैं।अपने सभीआवश्यक सामानों की खरीददारी करके रख लेते हैं।
ईद का चांद नजरआने पर, सुबह ईद की नमाज सभी ईदगाहों में विभिन्न विभिन्न समय पर नमाज अदा की जाती है।ईदगाह में ईद की नमाजअदा करने के बाद सभी लोग एक दूसरे से गला मिलकरअपने-अपने घरों को ईद की खुशी के साथ लौटते हैं। ईद के दिनअपने सगे संबंधी,इष्टमित्र,परिवार के सदस्य एक दूसरे को निमंत्रण देकर मीठी-मीठी सेवइयां अनेक प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजनों से स्वागत करते हैं, गले मिलते हैं,ईद की खुशी मनाते हैं।

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