पटना में आयोजित एपीकॉन 2026 में डॉ. सतीश कुमार को मिली अंतरराष्ट्रीय स्तर की FICP फेलोशिप।

ब्यूरो चीफ मोहम्मद फुरकान कुरैशी एडवोकेट 
लखनऊ, उत्तर प्रदेश। 
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू), लखनऊ के चिकित्सा विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर पद पर कार्यरत डॉ. सतीश कुमार को इंडियन कॉलेज ऑफ फिजिशियन (Indian College of Physicians – ICP) की प्रतिष्ठित फेलोशिप (FICP) से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें एसोसिएशन ऑफ फिजिशियन ऑफ इंडिया (Association of Physicians of India – API) के वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन एपिकॉन 2026 (APICON 2026) के दौरान प्रदान किया गया। यह भव्य आयोजन 30 जनवरी 2026 को सम्राट अशोक कन्वेंशन सेंटर, पटना (बिहार) में संपन्न हुआ।
फेलोशिप प्रदान करने का कार्य इंडियन कॉलेज ऑफ फिजिशियन के डीन , एपिकॉन 2026 के प्रेसिडेंट इलेक्ट एवं वैज्ञानिक समिति के चेयरमैन प्रो. जी. नरसिमुलु, महासचिव डॉ. पुनीत सक्सेना, डीन आईसीपी डॉ. गिरिश माथुर तथा आयोजन सचिव डॉ. कमलेश तिवारी द्वारा किया गया। इस अवसर पर देश-विदेश से आए हजारों वरिष्ठ चिकित्सक, शिक्षाविद् एवं शोधकर्ता उपस्थित रहे।
डॉ. सतीश कुमार को यह सम्मान उनके उत्कृष्ट शैक्षणिक योगदान, रोगियों की सेवा, चिकित्सा शिक्षा में नवाचार तथा शोध कार्यों में सक्रिय भूमिका के लिए प्रदान किया गया है। यह फेलोशिप चिकित्सा क्षेत्र में अत्यंत प्रतिष्ठित मानी जाती है और देश भर से केवल चुनिंदा चिकित्सकों को ही यह उपलब्धि प्राप्त होती है। वर्ष 2026 में पूरे देश से कुल 118 एपीआई सदस्यों को एफआईसीपी फेलोशिप से सम्मानित किया गया, जिनमें डॉ. सतीश कुमार का नाम शामिल होना केजीएमयू और उत्तर प्रदेश के लिए गर्व की बात है।
एफआईसीपी फेलोशिप प्राप्त करने के लिए चिकित्सक को कम से कम 10 वर्षों का स्नातकोत्तर (पोस्टग्रेजुएट) अनुभव होना आवश्यक होता है। इसके साथ ही एसोसिएशन ऑफ फिजिशियन ऑफ इंडिया की निरंतर सदस्यता कम से कम 5 वर्षों तक होनी चाहिए। साथ ही, शोध, शिक्षण, या एपीआई की गतिविधियों में महत्वपूर्ण योगदान भी अनिवार्य माना जाता है। डॉ. सतीश कुमार इन सभी मानदंडों पर खरे उतरते हुए इस सम्मान के पात्र बने हैं।
डॉ. सतीश कुमार वर्तमान में केजीएमयू, लखनऊ के चिकित्सा विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में कार्यरत हैं और वर्षों से मरीजों की सेवा के साथ-साथ मेडिकल छात्रों के प्रशिक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय जर्नल्स में शोध पत्र प्रकाशित किए हैं तथा विभिन्न चिकित्सा सम्मेलनों में सक्रिय सहभागिता निभाई है। उनके शोध कार्यों का मुख्य फोकस मधुमेह, उच्च रक्तचाप, संक्रामक रोग, और उभरती बीमारियों पर रहा है, जिससे चिकित्सा समुदाय को नई दिशा मिली है।
इस उपलब्धि पर केजीएमयू के चिकित्सा संकाय के डीन, विभागाध्यक्ष प्रो. वीरेंद्र आतम सहित अनेक वरिष्ठ चिकित्सकों एवं शिक्षकों ने डॉ. सतीश कुमार को बधाई दी। विभागाध्यक्ष प्रो. वीरेंद्र आतम ने कहा कि डॉ. सतीश कुमार की यह उपलब्धि पूरे संस्थान के लिए गौरव का विषय है और यह उनके कठिन परिश्रम, समर्पण तथा उत्कृष्टता का परिणाम है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि डॉ. सतीश कुमार भविष्य में भी इसी तरह चिकित्सा क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देते रहेंगे।
डॉ. सतीश कुमार ने इस सम्मान को अपने शिक्षकों, वरिष्ठ साथियों, सहकर्मियों और परिवारजनों को समर्पित करते हुए कहा कि यह उपलब्धि उनके लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा, “मैं अपने सभी गुरुओं और सहयोगियों का आभारी हूं, जिनके मार्गदर्शन और सहयोग से आज यह मुकाम हासिल कर सका। मेरा प्रयास रहेगा कि आगे भी मरीजों की बेहतर सेवा और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करता रहूं।”
एपिकॉन 2026 सम्मेलन में देशभर से आए विशेषज्ञ चिकित्सकों ने चिकित्सा के विभिन्न क्षेत्रों में नवीनतम शोध, तकनीकों और उपचार विधियों पर विचार-विमर्श किया। सम्मेलन का उद्देश्य चिकित्सा ज्ञान को साझा करना, युवा चिकित्सकों को प्रोत्साहित करना तथा स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाना रहा।
डॉ. सतीश कुमार को प्राप्त एफआईसीपी फेलोशिप न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह केजीएमयू, लखनऊ और उत्तर प्रदेश के चिकित्सा जगत के लिए भी गर्व की बात है। यह सम्मान आने वाली पीढ़ी के चिकित्सकों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा और चिकित्सा क्षेत्र में उत्कृष्टता की ओर निरंतर प्रयास को बल देगा।

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