सरैयामन में मनाई जाएगी विश्वआर्द्रभूमि दिवस,तैयारी जोरों पर - ड़ीएफओ

शहाबुद्दीन अहमद
बेतिया, बिहार।
जिला मेंअवस्थित सरैयामन क्षेत्र को पहली बार विश्वआद्र भूमि की सूची में रखा गया है,
इसको लेकर 2 फरवरी को सरिया मन में विश्व आर्द्रभूमि दिवस मनाई जाएगी इसके लिए जोर-शोर से तैयारी शुरू हो गई है।इस बात की जानकारी संवाददाता को, वन प्रमंडल पदाधिकारी पंकज कुमार ने दी है।उन्होंने आगे बताया कि उदयपुर सरैयामन को समसरआद्र भूमि सूची में चयनित होने के बाद पहली बार इस दिवस काआयोजन किया जा रहा है।इसआयोजन को लेकर जोरशोर से तैयारी शुरू कर दी गई हैं। प्रमंडल पदाधिकारी पंकज कुमार ने इंडियासंवाददाता को बताया कि 
2 फरवरी को कैरिबियन सागर के तट पर स्थित, ईरानी शहर समसरआद्र भूमि 
परआयोजित होने वाली सम्मेलन कोअपनाने की तिथि का प्रतीक है। सरैयामन
राज्य का दूसराआर्द्रभूमि अधिसूचित क्षेत्र घोषित है।  
आयोजन केअवसर पर,आद्र भूमि के महत्व पर विद्यालय के छात्र/छात्राओं के बीच
चित्रांकन और निबंध प्रतियोगिता काआयोजन किया गया है।इसकेअलावा यहां के जलीय इकोसिस्टम के बारे में छात्र-छात्राओं को को बताया जाएगा।सरैयामन 
इकोसिस्टम का वह पहला स्थान है जहां तीन-तीन स्थल
एक साथ पाए जाते हैं। इस अवसर पर यहांआने वाले आगंतुकों को इसके महत्व के बारे में विस्तार से चर्चा की जाएगी,इसके लिए विभागीय स्तर पर तैयारी हो गई है।
आज के इस परिवर्तन में, जलवायु परिवर्तन बहुत तेजी से हो रहा है,इसको संतुलित रखना हमारी लिए बहुत बड़ी चुनौती है। इसमें आद्रभूमि क्षेत्र तेजी से हो रहे जलवायु परिवर्तन को रोकने और पर्यावरण की दृष्टि से सही दिशा में लाने का काम करता है।यहां पर पाए जाने वाले विभिन्न तरह के फुलोरा और फाइना से जुड़े अन्य संबंधित जीवों केअस्तित्व संरक्षित करने का काम करता है, उनके बीच समावेशी विकास का रास्ता साफ करता है।
उदयपुक्षेत्र सरैयामन का यह क्षेत्र विभिन्न तरह के प्रजातियों के पौधे और जीव के लिए समृद्ध माना जाता है

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