बेतिया के प्रख्यात,विद्वान शायरअबुलखैर निस्तरअब इस दुनिया में नहीं रहे।
बेतिया।
शहर के प्रख्यात,विद्वान शायर,पत्रकार,सामाजिक कार्यकर्ता,अबुलखैर निस्तर अब इस दुनिया में नहीं रहे।
इनका देहांत 12 फरवरी 2026 को सुबह 5:00 बजे स्थानीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक लंबे सफर को तय करते हुए इस दुनिया से चल बसे। इनका जन्म 23 सितंबर 1947को मोहल्ला गंज नंबर दो,बेतिया में पैदा हुए थे। उनकी प्राथमिक शिक्षा मदरसा इस्लामिया बेतिया में और फिर सुगौली हाई स्कूल तक पहुंचकर शिक्षा का सिलसिला पिता के मौत के बाद जाता रहा। इसके बाद उनके कंधों पर घर का सारा बोझ परआ पड़ा, इसके साथ-साथ सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में जुड़कर कई सामाजिक संगठनों की जिम्मेदारी निभाते रहे। 1967 में इतिहास कमेटी का वजूद अमल मेंआया,जिसमें रूस्तम जमा,नसीरुद्दीन हैदर,अबुल खैर नश्तर उच्च कोटि में रहे, इस तरहउन्होंने समाज में अपनी पैठ बना ली।कार्य के पेशा से दर्जी का काम करते थे, उसे समय डॉक्टर एच एन मिश्रा की नेतृत्व में सिलाई मजदूर सभा में आगे आगे रहे
इन्होंने अपने जीवन काल में कई सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों से जुड़े रहे, इसमें राब्ता मिला बेटियां सज्जाद पब्लिक लाइब्रेरी राज्य अंजुमन तरक्की उर्दू जिला पश्चिमी चंपारण में अशरफ कादरी के नेतृत्व में और स्वर्गीय जमील खान के समाज सुधार संघ,बेतिया,
स्वर्गीयअब्दुल मजीद संस्थापक उर्दू हाई स्कूल, तालीमीअंजुमन बेतिया,उर्दू गर्ल्स हाई स्कूल बेतिया, जिलाअवकाफ़ कमेटी, पश्चिम चंपारण,सीनियर सीट्जन वेलफेयर सोसाइटी बेतियाअन्य साहित्यिक संस्था
साहित्य सम्मेलन से अंत अंत तक जुड़े रहे। उनकी शायरी की शुरुआत 1973 के फौरन बाद रमजानी कलम से हुआ, इस पर एक को पहले पुस्तक समूह सामने आया जिसमें अशरफ कादरी नाजिम भारती एहतेशाम अफसर से शेरो अदब में काफी मिलजुल कर शायरी करते रहे। सफदर इमाम कादरी से भी इन्होंने मिलजुल कर उनको प्रभावित करते हुए बहुत कुछ हासिल किया। इनके साथ में मौलाना हसन माफिया नदवी अजीज रब्बानी एवं अन्य शेयर कवि के साथ-साथ रहकर बहुत बड़ा कारनामा अंजाम दिया।
1975 के जमाने से बाजार इन्होंने पूर्ण रूप से उर्दू दैनिक पेपर संगम से जुड़े रहे और रिपोर्टर का काम करते रहे, जिसमें कौम की सेवा करते रहे।उम्र के साथ-साथ, आर्थिक बोझ के कारण बीमारी ने शरीर को इस तरह महीनों दिन पूर्व बिस्तर से जकड़ लिया,मगर इस समय भी लोगों का हालचाल जानने के लिए मोबाइल से संपर्क करते रहे।अंतिमअवस्था में उन्हें सरकारी मेडिकल कॉलेजअस्पताल में भर्ती कराया गया,मगर इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
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