होली व रमज़ान के शुभ अवसर पर नगरथाना परिसर में शांति समिति हुई बैठक।

शहाबुद्दीन अहमद
बेतिया, बिहार।
स्थानीय नगर थाना परिसर में,होली पर्वऔर रमजान को देखते हुए एक शांति समिति की बैठक काआयोजन किया गया,जिसकीअध्यक्षता,सदर एसडीपीओ,विवेक दीप ने किया।इसअवसर पर,नगर थानाअध्यक्ष,मनोज कुमार सिंह,अपर थानाधक्ष,नितिन कुमार,नगर पार्षदगण  नगर के गणमान्य सामाजिक लोग उपस्थित रहे।बैठक में होली एवं पवित्र रमज़ान को शांतिपूर्ण,सौहार्दपूर्ण एवं भाईचारे के वातावरण में मनाने कीअपील की गई। प्रशासन द्वारा बताया गया कि पर्व के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने हेतु पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी,साथ हीअफवाहों पर ध्यान न देने तथा किसी भी प्रकार की सूचना तत्काल प्रशासन को देने काआग्रह किया गया।अधिकारियों ने कहा कि सभी समुदाय के लोगआपसी सहयोग एवं सद्भाव बनाए रखें,ताकि त्योहार शांतिपूर्वक संपन्न हो सके।विदित हो कि यह शांति समिति की बैठक को केवल खानापूर्ति के लिए होती है, इसमें जो भी निर्णय लिए जाते हैं,उसपर कभी भी क्रियान्वयन नहीं हो पाती है, इसे अगर ढोकोसला कहा जाए तो कोई बेजा नहीं होगा 
इस शांति समिति के बैठक में निर्णय के आलोक में कोई किसी की बात मानने पर अमल नहीं करता है,जिसको जैसा विचार होता है,जैसा करना होता है,वह कर ही डालता है,पुलिस प्रशासन मुक्दर्शक बना रहताहै,तो फिर ऐसी शांति समिति की बैठक करने से क्या फायदा,
केवल समय की बर्बादी होती है। हर एक पर्व त्यौहार आने के पूर्व शांति समिति की बैठक तो जरूर होती है,मगर ढाक के तीनपात वाली ही कहावत चरितार्थ होती है।
शांति समिति में उपस्थित नेता,व्यक्ति,पार्षदगण,पुलिस
सभी ही शांति समिति के बैठक में ली गई निर्णय को भूल जाते हैं,और अपनी मनमानी करते हैं। इन पर्व त्योहारों केअवसर पर पुलिस का नियंत्रणकक्ष भी सामान्य नहीं रहता है,अगर किसी घटना की सूचना दीजिए तो तुरंत उसपर कार्रवाई नहीं होती है,घटना घट जाने के बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुंचती है,तो फिर शांति समिति की बैठक करने से क्या फायदा होगा।

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