साहित्यिक-सांस्कृतिक संस्था 'अनुराग' द्वारा कार्यक्रम किया गया आयोजित।

शहाबुद्दीन अहमद
बेतिया, बिहार।
साहित्यिक सांस्कृतिक संस्था अनुराग द्वारा मझौलिया थाना क्षेत्र के जोकटिया में एक निजी विवाह भवन में आयोजित 'मैं भी हूं' पुस्तक का विमोचन कार्यक्रम संपन्न हुआ।रा.उ.म.विद्यालय,लाल सरैया काॅलोनी के कार्यरत प्रधानाध्यापक,चंद्रिका राम का तीसरा काव्य-संग्रह का।मंचासीनअतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया।हिंदी एवं भोजपुरी के लब्धप्रतिष्ठ साहित्यकार,भगवती प्रसाद द्विवेदी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।अध्यक्षीय उद्बोधन में द्विवेदी ने कहा कि "मैं भी हूं" पुस्तक सिर्फ स्त्री विमर्श का काव्य नहीं है, समाज का अल्ट्रासाउंड भी है।मुख्यअतिथि,अखिल भारतीय भोजपुरी साहित्य सम्मेलन के राष्ट्रीयअध्यक्ष, डॉ.महामाया प्रसाद विनोद ने कहा कि नारी विमर्श पर केंद्रित 'मैं भी हूं' वस्तुत: नारी जीवन में यथार्थ की काव्यात्मक प्रस्तुति है।
मुख्यवक्ता बीआरए बिहार विश्वविद्यालय,मुजफ्फरपुर के मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद् के निदेशक एवं हिंदी के विद्वान प्राध्यापक डॉ.सतीश कुमार राय ने कहा कि इनकी कविताएंआदमी कोआदमी बनाने की सीख देती है,इसमें नारी के प्रति संवेदनशीलता अत्यंत गहराई के साथअभिव्यक्त हुई है। विशिष्टअतिथि,प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी,हफिजुर्रहमान, वरीय साहित्यकार डॉ.गोरख प्रसाद मस्ताना,डॉ.देवीलाल यादव,डॉ.जफर इमाम,सुरेश गुप्त,शालिनी रंजन आदि ने कार्यक्रम को संबोधित किया। संस्था के संरक्षक पं.चतुर्भुज मिश्र,संस्थापक सदस्य,जय किशोर जय,धनुषधारी उरांव नेअतिथियों का अंगवस्त्र, फूलमाला व मोमेंटो से स्वागत-सम्मान किया। संचालन भोजपुरी सम्मेलन पत्रिका,पटना के उप-संपादक,दिलीप कुमार ने एवं धन्यवाद ज्ञापन संस्था के संस्थापक सदस्य,अरुण गोपाल ने किया।छात्राओं ने मनमोहक स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया।कार्यक्रम में डॉ. ज्ञानेश्वर कुमार गुंजन, बृजभूषण पाण्डेय सहित सैकड़ों महिला-पुरुष की उपस्थिति सराहनीय रही।

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