घुमंतू जातियों की समस्याओं का शीघ्र हो समाधान - केसी घुमरिया
वसीम अकरम कुरैशी
जयपुर, राजस्थान।
अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश अध्यक्ष केसी घुमरिया ने विमुक्त, घुमंतू एवं अर्ध घुमंतू आदिम समुदाय की वाजिब मांगों को मानने का मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि घुमंतू जातियों के आवास की समस्या लंबे समय से लंबित है, इस ओर सरकार को गंभीरता से सोचते हुए समाधान करना चाहिए। सरकार अब भी नहीं संभली तो इसका खामियाजा आगामी नगर निकाय और पंचायत चुनाव में भुगतना पड़ सकता है। घुमरिया ने आज यहां एक बयान में आदिम समुदाय की मांगों का विस्तार से जिक्र किया। इस संदर्भ में इन्होंने 21 सूत्रीय मांगों को अविलंब मानने का राज्य सरकार से आग्रह किया।
ये है प्रमुख मांगें
केसी घुमरिया ने कहा-विमुक्त घुमंतू एवं अर्द्ध घुमंतू जनजातियों की 21 सूत्रीय प्रमुख मांगों में अलग से 10 फीसदी आरक्षण देने, केन्द्रीय आवास एवं राज्य स्तरीय आवास योजना बनाने, 500 करोड़ रुपए का बजट आवंटित करने,कल्याण बोर्ड को संवैधानिक दर्जा देने, एसआईआर में कटे नामों की जांच के लिए उच्च स्तरीय कमेटी का गठित करने, महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए विशेष योजना शुरू करने, इस समुदाय के किसानों को 25 बीघा कृषि योग्य भूमि आवंटित करने, डीएनटी अत्याचार अधिनियम बनाने, समुदाय के लोगों को आधार कार्ड, बीपीएल कार्ड, राशन कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, वोटर कार्ड जैसे दस्तावेज बनाने में आ रही बाधाओं को दूर करने, शिक्षा, स्वास्थ्य, वृद्ध पेंशन, बच्चों को आंगनबाड़ी जैसी सुविधाएं प्रदान करने समेत 31 अगस्त को विमुक्त घुमंतू एवं अर्द्ध घुमंतू जनजातियों के स्वामिभान मुक्ति दिवस पर राष्ट्रीय अवकाश घोषित किया जाए।
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