सांस्कृतिक एवं राजस्व विभाग द्वारा शिवजन्मोत्सव उत्साहपूर्वक मनाया गया।
छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद)महाराष्ट्र।
सांस्कृतिक कार्य संचालनालय तथा राजस्व विभाग के संयुक्त तत्वावधान में 18 और 19 फरवरी को मराठवाड़ा राजस्व प्रबोधिनी में शिवजन्मोत्सव के अवसर पर भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। दो दिनों तक चले इस आयोजन में ऐतिहासिक परंपराओं का जागरण करते हुए सांस्कृतिक विरासत पर गर्व व्यक्त किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत अपर जिल्हाधिकारी संभाजी अडकुणे एवं उपजिल्हाधिकारी श्रीमती संगीता राठोड के हाथों दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर उपस्थित मान्यवरों ने स्वराज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज के कार्यों को स्मरण करते हुए उनके पराक्रम, दूरदर्शिता और जनकल्याणकारी प्रशासन पद्धति को आज की पीढ़ी के लिए आदर्श बताया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत श्री खंडेराय कला मंडल के 35 कलाकारों के दल ने आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। महाराष्ट्र के गौरवशाली इतिहास पर आधारित नृत्य-नाट्य, पारंपरिक लोककला, लावणी, पोवाड़ा तथा देशभक्ति गीतों ने सभागार में उत्साहपूर्ण वातावरण निर्मित किया। विशेष रूप से पोवाड़ा प्रस्तुति के माध्यम से शिवचरित्र के वीर प्रसंगों को जीवंत किया गया, वहीं लोकनृत्यों ने महाराष्ट्र की सांस्कृतिक विविधता को प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में प्रो. समाधान इंगळे ने छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन पर आधारित अध्ययनपूर्ण एवं प्रेरणादायी व्याख्यान दिया। उन्होंने शिवकालीन प्रशासन व्यवस्था, स्वराज्य स्थापना के संघर्ष और सामाजिक प्रतिबद्धता पर प्रकाश डालते हुए श्रोताओं को इतिहास से नई दृष्टि से परिचित कराया। उनके वक्तव्य को उपस्थित जनों से उत्स्फूर्त प्रतिसाद मिला।
इस आयोजन में विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, विद्यार्थी तथा नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। पूरा कार्यक्रम अनुशासित और उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। शिवजन्मोत्सव के अवसर पर आयोजित इस सांस्कृतिक समारोह ने इतिहास, संस्कृति और राष्ट्राभिमान का सुंदर संगम प्रस्तुत किया।
यह आयोजन केवल सांस्कृतिक कार्यक्रम तक सीमित न रहकर नई पीढ़ी में स्वराज्य के मूल्यों के संरक्षण तथा राष्ट्रीय गौरव की भावना जागृत करने वाला प्रेरणादायी उपक्रम सिद्ध हुआ।
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