जिला प्रशासन और स्टेट बैंक की पहल: 3 हजार विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति परीक्षा की पुस्तकें मुफ्त वितरित।

ब्यूरो चीफ अनवर कादरी 
छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद), महाराष्ट्र।
— आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के कई विद्यार्थी पाठ्यक्रम की पुस्तकों के अभाव में छात्रवृत्ति परीक्षा में पीछे रह जाते हैं। ऐसे ही 3 हजार जिला परिषद (जेडपी) स्कूलों के विद्यार्थियों को जिला प्रशासन ने छात्रवृत्ति परीक्षा की पुस्तकें निःशुल्क उपलब्ध कराई हैं। इसके लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के सामाजिक दायित्व निधि (CSR फंड) से आर्थिक सहयोग दिया गया है।
इन पुस्तकों का वितरण 10 तारीख को जिला कलेक्टर दिलीप स्वामी के हस्ते जैन इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में किया गया। इस अवसर पर स्टेट बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक त्रिभुवन, पुस्तक के लेखक हर्षवर्धन सूर्यवंशी, प्राथमिक शिक्षा अधिकारी जयश्री चव्हाण, जिला शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य राजेंद्र कांबले, उपशिक्षा अधिकारी गीता तांडले, क्रांति धसवडीकर, आर. वी. ठाकुर, ए. सी. कापसे सहित शिक्षा विस्तार अधिकारी, केंद्र प्रमुख, प्राचार्य, शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित थे।
ये पुस्तकें विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में पढ़ने वाले जिला परिषद स्कूलों के विद्यार्थियों के अध्ययन और अभ्यास को ध्यान में रखकर तैयार की गई हैं। उपयोग के बाद इन पुस्तकों को वापस एकत्र किया जाएगा और अगले वर्ष अन्य विद्यार्थियों को उपलब्ध कराया जाएगा।
कार्यक्रम में जिला कलेक्टर दिलीप स्वामी ने कहा कि फिलहाल तीन हजार विद्यार्थियों को ही पुस्तकें दी जा रही हैं। यदि आगे और सहयोग प्राप्त होता है तो अधिक विद्यार्थियों को भी इसका लाभ दिया जा सकेगा। उन्होंने विद्यार्थियों से पुस्तकों का समुचित उपयोग कर उन्हें सुरक्षित वापस करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जिले के विद्यार्थी छात्रवृत्ति परीक्षा में लगातार बेहतर सफलता प्राप्त कर रहे हैं, जो गर्व की बात है। इन्हीं विद्यार्थियों से भविष्य के जागरूक नागरिक तैयार होंगे, इसलिए इस पहल का विशेष महत्व है।
पुस्तक के लेखक हर्षवर्धन सूर्यवंशी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन आर. वी. ठाकुर ने किया, जबकि गीता तांडले ने आभार प्रदर्शन किया।

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