जिसने मस्जिद बनाई, अल्लाह उसे जन्नत में महल अता फ़रमाएगा - सूफ़ी सैफुल्लाह क़ादरी

ग़रीब नवाज़ मस्जिद का हुआ इफ्तेताह, बंटा लंगर, नूरी जामा मस्जिद में हुआ जलसा, क़ब्रिस्तान में हुई दुआ।
भारत समाचार न्यूज एजेंसी 
इंदौर, मध्य प्रदेश।
ऑडी क्षेत्र स्थित ग़रीब नवाज़ मस्जिद का इफ्तेताह मग़रिब की नमाज़ के साथ अंजाम दिया गया। यह मुबारक फ़रीज़ा हुज़ूर मुफ़्ती-ए-आज़म मालवा के ख़लीफ़ा, पीरे तरीक़त, हुज़ूर सैफ़े मिल्लत, हज़रत मौलाना सूफ़ी सैफुल्लाह क़ादरी साहब (चेयरमैन व चीफ़ क़ाज़ी, ग़ौसे आज़म फाउंडेशन) के दस्ते मुबारक से सम्पन्न हुआ। इस ऐतिहासिक और रूह परवर अवसर पर सैकड़ों अकीदतमंदों ने मग़रिब की नमाज़, हुज़ूर मुफ़्ती-ए-आज़म मालवा के ख़लीफ़ा के पीछे अदा की।
इस मौक़े पर सूफ़ी सैफुल्लाह क़ादरी साहब ने ख़िताब करते हुए फ़रमाया कि जिसने अल्लाह की रज़ा के लिए मस्जिद तामीर की, अल्लाह तआला उसके लिए जन्नत में महल अता फ़रमाता है। आपने कहा कि ग़रीब नवाज़ मस्जिद के निर्माण में अहले दिल ने दिल खोलकर हिस्सा लिया है। इं शा अल्लाह ! इसका अज़ीम अज्र अल्लाह तआला उन्हें अता फ़रमाएगा।
ग़रीब नवाज़ मस्जिद कमेटी की जानिब से सूफ़ी सैफुल्लाह क़ादरी साहब और मस्जिद के इमाम हज़रत मौलाना आदिल रज़ा का फूल मालाओं से ज़ोरदार स्वागत किया। दुरूद व सलाम और फ़ातिहा के बाद लंगरे ग़रीब नवाज़ का एहतेमाम किया गया। इस अवसर पर सूफ़ी सैफुल्लाह क़ादरी साहब के एक ही इशारे पर मस्जिद के लिए बड़ी मात्रा में लोगों ने इमदाद भी दिया।
ईशा की नमाज़ के बाद सोनवाय स्थित नूरी जामा मस्जिद में शबे बराअत के मुबारक मौक़े पर अज़ीमुश्शान जलसे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने शिरकत की। जलसे का आग़ाज़ हज़रत मौलाना आमिर रज़ा की तिलावते क़ुरआन से हुआ। इसके बाद सूफ़ी सैफुल्लाह क़ादरी साहब ने शबे बराअत की फ़ज़ीलत, अहमियत और इस मुक़द्दस रात की बरकतों पर दिलों को झकझोर देने वाली तक़रीर की।
रात के वक़्त क़ब्रिस्तान जाकर मरहूमीन के लिए इसाले सवाब भी किया गया, जहां मग़फ़िरत और रहमत के लिए ख़ुसूसी दुआएं मांगी गईं। पूरा माहौल इबादत, अक़ीदत और रूहानियत से सराबोर रहा।

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