शिक्षकों ने काली पट्टी बांध कर जताया विरोध।

बेलीपार, गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।
टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के आह्वान पर विकास खंड कौडीराम के परिषदीय शिक्षकों ने देश में टी ई टी  लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर टी ई टी की अनिवार्यता के विरोध में  विद्यालयों में काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य किया।
 शिक्षक नेता बशिष्ठ त्रिपाठी ने कहा कि पूरे भारत में 1 अप्रैल 2010 एवं उत्तर प्रदेश में 27 जुलाई 2011 के  शिक्षा अधिकार अधिनियम लागू होने के पूर्व जारी विज्ञप्ति शासनादेश की सेवा शर्तों के नियुक्त शिक्षकों पर टी ई टी थोपना न्यायसंगत नहीं है।
महेन्द्र नाथ चतुर्वेदी ने कहा 20–25 वर्षों से सेवा दे रहे, सरकार द्वारा निर्धारित योग्यता के आधार पर चयनित शिक्षकों को आज फिर से परीक्षा के कटघरे में खड़ा करना कहां का   न्याय  है ? श्याम प्रताप सिंह ने कहा कि  50–55 वर्ष के शिक्षकों पर नई परीक्षाएँ थोपना न्याय संगत नहीं है। राधे श्याम यादव ने कहा कि सभी शिक्षक इस मनमानी रवैये का विरोध करेंगे। प्रीति सिंह ने कहा कि सरकार एवं न्यायालय को पुनर्विचार करना चाहिए। सुषमा मणि त्रिपाठी एवं नौशाद आलम ने कहा कि सभी मान्यता प्राप्त संघटन द्वारा एक मंच पर आकर विरोध जताना सराहनीय निर्णय है।

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