सेंटथॉमस मिशन स्कूलअल्पसंख्यक छात्र/ छात्राओं/अभिभावकों का हितैषी नहीं।
बेतिया, बिहार।
स्थानीय नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत,किशनक्वार्टर मोहल्ले मेंअवस्थित, "सेंटथॉमस मिशन स्कूल" अल्पसंख्यक छात्र/ छात्राओं/अभिभावकों का हितैषी नहीं है,जबकि इस विद्यालय में 40% छात्र/ छात्राएं मुस्लिम समुदाय के
नामांकित हैं,पढ़ाई करते हैं,
मगर मुस्लिम पर्व त्योहार में इस विद्यालय के प्राचार्य के द्वारा छुट्टी नहीं दी जाती है, जबकि बिहार सरकार/ शिक्षा विभाग के द्वारा छुट्टी घोषित रहती है,मगर इस विद्यालय के प्राचार्य अपनी मनमानी से विद्यालय चलाते हैं, बिहार सरकार और बिहार सरकार के शिक्षा विभाग के द्वारा निर्गतआदेश का पालन नहीं करते हैं,इसकेअलावाअपने क्रिश्चियन जाति के हर एक पर्व त्योहार में हद से ज्यादा छुट्टी दी जाती है,
जातीय भेदभाव की जाती है।
समानता का कोई ख्याल नहीं रखते हैं। मुस्लिम/हिन्दू समुदाय के पर्वत्योहार की छुट्टी देने मेंआनाकानी करते हैं,जबकि क्रिश्चियन समुदाय के पर्व त्योहार केअनुपात में बहुत कम छुट्टी दी जाती है।
इसी क्रम में संवाददाता से मुस्लिम समुदाय के छात्र/ छात्राएं/अभिभावक नेअपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि मुस्लिम समुदाय के पर्व "शबे बरात" की छुट्टी 4 फरवरी को बिहार सरकार/ शिक्षा विभाग के द्वारा घोषित की गई थी,सभी कार्यालय विद्यालय छुट्टी घोषित होने के कारण बंद थे,मगर "सेंट थॉमस मिशन स्कूल" खुला हुआ था,इस तरह से कई मुस्लिम/हिंदू समुदाय के त्योहार पर भी इनकी मनमानी चलती है,विद्यालय खोले हुए रहते हैं,छुट्टी की घोषणा नहीं करते हैं,जिससे छात्र/छात्राओं/अभिभावकों का मनोबल टूट जाता है, और मजबूरीवसअपने बच्चे/ बच्चियों को स्कूल पहुंचना पड़ता है। इस विद्यालय के प्राचार्य के इस हरकत से मुस्लिम/ हिंदू समुदाय के लोगों मेंआक्रोश फैल रहा है,
अगर इस पर बिहार सरकार और शिक्षा विभाग के द्वारा नियंत्रण नहीं किया जा सका तो भविष्य में बहुत बड़ा विस्फोट होने की संभावना व्यक्त की जा रही है।
इस विद्यालय के प्राचार्य, फादर पास्कल के नेतृत्व में विद्यालय का संचालन हो रहा है।इस संबंध में,इसकी सूचना जिला पदाधिकारी/जिला शिक्षा पदाधिकारी/ मुख्यमंत्री/शिक्षा मंत्री/प्रधानमंत्री/केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्री एवंअन्य वरीय उच्च पदाधिकारी को इसकी सूचना दी जा चुकी है।
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