फर्जी प्रमाण पत्र पर शिक्षिका का नौकरी करना महंगा पड़ा,प्राथमिकी दर्ज।
बेतिया, बिहार।
फर्जी कागजात पर एक शिक्षिका को नौकरी करना महंगा पड़ गया,कागजी जांच में प्रमाण पत्र गलत पाया गया,जिसके कारण शिक्षिका पर नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। घटना के बारे में संवाददाता को पता चला है कि मुजफ्फरपुर क्षेत्र के निगरानीअन्वेषण ब्यूरो को पुलिसउपाध्यक्ष,शिवकुमार शाह की शिकायत पर शिक्षिका कृपा कुमारी के खिलाफ कार्रवाई की गई। शिक्षिका सरिस्वा रोड स्थित बसंत विहार,वार्ड नंबर 28 के निवासी बताई गई है।नगर थानाअध्यक्ष,मनोज कुमार सिंह ने संवाददाता को बताया के मामलों की जांच शुरू कर दी गई है।संवाददाता को आगे पता चला है कि 2006 से 2015 तक नियोजित शिक्षकों का शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण प्रमाण पत्रों की जांच के क्रम में फर्जीवाड़ा उजागर हुआ।
पुलिस उपाध्यक्ष ने संवाददाता को बताया कि वर्ष 2006 में शिक्षिका के नियोजन के समय अन्य अज्ञात लोगों के साथ आपराधिक षडयंत्र रचकर छल किया गया,नाजायज लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से अंकपत्र की कूट रचना की गई,इसेअसली अंकपत्र के रूप में नियोजित इकाई नगर परिषद बेतिया के कार्यालय में प्रस्तुत करअवैध रूप से नियोजन प्राप्त कर लिया गया।शिक्षिका,कृपा कुमारी ने पटना उच्च न्यायालय द्वारा पारितआदेश केआलोक में क्षमादान अंतर्गत त्यागपत्र नहीं दियाअभी तक कार्यरत थी।जांच हेतु जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) ने उनके फोल्डर को जांच अधिकारी को उपलब्ध कराए थे। संवाददाता को यह भी पता चला है कि उनके शैक्षणिक प्रमाण पत्र बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड पटना के कार्यालय से निर्गत ही नहीं किया गया था। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के पुलिस अधीक्षक ने जांच के लिए भेजे गए शिक्षकों केअंक पत्रों का जांच प्रतिवेदन बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड पटना के परीक्षा नियंत्रण को प्राप्त कराया,जांच में पता चला कि क्रमांक 1 से 304 तक छात्राओं का रोल नंबर अंकित है,जबकि शिक्षिका का रोल नंबर 321है। बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड पटना के परीक्षा नियंत्रक,उपेंद्र कुमार से प्राप्त सत्यापन प्रतिवेदन में,यह पुष्टि हो गया कि कृपा कुमारी का संस्कृत शिक्षा बोर्ड से निर्गत प्रमाण पत्र जाली है।
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