नगर निगम द्वारा मोहनापुर कब्रिस्तान की भूमि को नियमों के विपरीत नीलाम करने की साज़िश रची जा रही है - धीरेन्द्र प्रताप
भारत समाचार न्यूज एजेंसी
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।
पूर्वांचल सेना ने गोरखपुर प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में नगर निगम गोरखपुर पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मोहनापुर क्षेत्र में स्थित कब्रिस्तान की भूमि को नियमों के विपरीत अवैध तरीके से नीलाम करने की साज़िश रची जा रही है। पूर्वांचल सेना के अध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप ने बताया कि नगर निगम द्वारा 1359 फ़सली में दर्ज कब्रिस्तान की ज़मीन को गलत ढंग से अपने नाम चढ़ाकर नीलामी की प्रक्रिया शुरू की गई, जो पूरी तरह गैरकानूनी है।
उन्होंने बताया कि मोहनापुर स्थित कब्रिस्तान की कुल रकबा संख्या 1377 है, जिसमें खतौनी के अनुसार आराजी संख्या 833 और 834 शामिल हैं। नियमों के अनुसार 1359 फ़सली में दर्ज कब्रिस्तान की भूमि का स्वरूप बदला ही नहीं जा सकता, इसके बावजूद नगर निगम ने नियमों को दरकिनार करते हुए उक्त ज़मीन पर कब्जा कर लिया और वहां बनी दुकानों को नीलाम करने की तैयारी कर ली।
पूर्वांचल सेना अध्यक्ष ने कहा कि इस मामले को लेकर कब्रिस्तान कमेटी द्वारा सिविल कोर्ट में मुकदमा भी दर्ज है (मुकदमा संख्या 75/2025), जिसमें नगर निगम स्वयं पक्षकार है। इसके बावजूद 29 जनवरी 2026 को अखबारों में विज्ञापन प्रकाशित कर दुकानों की नीलामी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई, जो सीधे तौर पर जनता के साथ धोखाधड़ी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरा मामला नगर निगम के कुछ अधिकारियों और भूमाफियाओं की मिलीभगत का परिणाम है, जिसका उद्देश्य कब्रिस्तान की ज़मीन को अवैध तरीके से बेचकर निजी लाभ कमाना है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यह मामला अत्यंत संवेदनशील है और इससे सामाजिक सौहार्द बिगड़ने का खतरा है।
पूर्वांचल सेना ने पत्रकारों के माध्यम से प्रशासन से मांग की कि इस फर्जी नीलामी पर तत्काल रोक लगाई जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो इस मुद्दे को लेकर सड़को पर आंदोलन शुरू किया जाएगा।
पूर्वांचल सेना ने आज फर्जीवाड़े और भू-माफिया गठजोड़ से नगर निगम द्वारा कब्रिस्तान की जमीन में बनी दुकानों की अवैध नीलामी रोकने को डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन कर अप जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा
नगर निगम गोरखपुर पर कब्रिस्तान की जमीन को अवैध तरीके से हड़पने और नीलामी करने का गंभीर आरोप लगा है। मौजा तुर्कमानपुर स्थित भैंसा खाना कब्रिस्तान की वक्फ संख्या 1377, जो 1359 फसली के सरकारी अभिलेखों में आराजी संख्या 833 और 834 के रूप में दर्ज है, उसे नगर निगम द्वारा नियम-कानून को ताक पर रखकर अपनी संपत्ति दिखाने और दुकानों की नीलामी की प्रक्रिया शुरू करने का मामला सामने आया है।
इस पूरे प्रकरण को लेकर पूर्वांचल सेना के अध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने उप जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि नगर निगम ने न सिर्फ ऐतिहासिक और वैधानिक रूप से दर्ज कब्रिस्तान की जमीन पर अपना नाम चढ़वाया, बल्कि उसके संचालन और रखरखाव के लिए बनी दुकानों पर भी कब्जा कर लिया।
सबसे गंभीर बात यह है कि इस जमीन को लेकर सिविल कोर्ट में मुकदमा संख्या 75/2025 (दीनानाथ बनाम नगर आयुक्त) पहले से ही लंबित है, जिसमें स्वयं नगर निगम पक्षकार है। मुकदमे में नगर आयुक्त द्वारा यह स्वीकार किया जा चुका है कि संबंधित भूमि कब्रिस्तान के रूप में दर्ज है, लेकिन साथ ही उसे नगर निगम की संपत्ति भी बताया जा रहा है, जो कि अपने आप में विरोधाभासी और संदेहास्पद है।
इसके बावजूद नगर निगम द्वारा 29 जनवरी 2026 को अखबारों में विज्ञापन प्रकाशित कर 21 दुकानों की नीलामी की घोषणा कर दी गई, जिसे पूर्वांचल सेना ने जनता के साथ खुली धोखाधड़ी बताया है।
पूर्वांचल सेना का आरोप है कि नगर निगम के कुछ अधिकारियों और भू-माफियाओं की मिलीभगत से कब्रिस्तान की जमीन को अवैध तरीके से बेचने की साजिश रची जा रही है। जबकि कानून के अनुसार 1359 फसली में दर्ज कब्रिस्तान की भूमि का स्वरूप बदला ही नहीं जा सकता।
धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि यह मामला केवल जमीन का नहीं, बल्कि कानून की अवमानना और सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने का गंभीर प्रयास है। यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया तो यह विवाद बड़ा जन आंदोलन का रूप ले सकता है।
पउन्होंने ने यह भी कहा कि 4 फरवरी को प्रस्तावित नीलामी तत्काल रोकी जाए और मुकदमा लंबित रहते नीलामी का आदेश देने वालों पर कार्रवाई हो ।
इस अवसर पर सुधीर कुमार मोदनवाल, डॉ नसीम अहमद, मुतवल्ली नुरुल हक़, सनी कुमार निषाद, मंजेश कुमार, मैनुद्दीन अहमद, नवीन कुमार, सहित भारी संख्या में लोग मौजूद रहे
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