शिकारपुर थानाध्यक्ष को न्यायालय के आदेश का अवमानना करना पड़ा मंहगा।

शहाबुद्दीन अहमद
बेतिया, बिहार।
स्थानीय व्यवहार न्यायालय ने मानवीय संवेदना की दृष्टिगत एक न्यायदेश पारित किया, इसके अंतर्गत शिकारपुर थानाअध्यक्ष को न्यायालय के आदेश केअवमानना करने केआरोप में,प्रत्येक तिथि पर
उनके वेतन से ₹500 की कटौती कर न्यायालय पीड़ित के फंड में जमा किए जाने काआदेश पारित किया। संवाददाता को मिली जानकारी के अनुसार दहेज हत्या के मामले में साक्ष के विरुद्ध जारी संबंध और वर्णन का निष्पादन न करने पर अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश ए डीजे विकास कुमार सिंह ने उनके वेतन से कटौती का आदेश दिया है जिसमें वर्णित है के प्रत्येक सनी तिथि पर ₹500 की कटौती की जाएगी न्यायाधीश के अवहेलना करने पर कार्रवाई की गई अज विकास कुमार सिंह न्यायालय के आदेश के अवहेलनायक और अपेक्षा माना है सूत्रों से पता चला है की उपयुक्त पुलिस पदाधिकारी कहते हैं के स्वर में जस्टिस और कोर्ट है कोई मीडिया न्यूज़ छाप कर क्या बिगाड़ लेगा एडीजी विकास कुमार सिंह ने पुलिस अधीक्षक बिटिया को निर्देश दिया है कि जब तक मामला में आरोपियों के फरार साक्ष के न्यायालय में उपस्थित नहीं किया जाता है तब तक थाना अध्यक्ष के वेतन से प्रत्येक तिथि पर ₹500 की कटौती की जाएगी। इतना ही नहीं, अनुपालन प्रतिवेदन न्यायालय को समर्पित किया जाए।मामला दहेज हत्या से संबंधित है,दहेज हत्या के आरोपी,जितेंद्र चौधरी लंबे समय से मंडलकारा बेतिया में
कैदी के रूप में है। इस कर्म में आरोपी के विरुद्ध आरोप तय कर दिया गया शासन के लिए संबंध निर्गत किया गया जिसका अभिलेख में संलग्न है उसके बाद जमानती आधिपत्र कोअनुसंधानकर्ता  चिकित्सक की गवाही के लिए सम्मन निर्गत किया गया हालांकि न्यायाआदेश का अब तक निष्पादन नहीं हो सका,न्यायालय ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया वक्त की। उपयुक्त की मामला कम नहीं है,जिसमेंआरोपी खुलेआम घूम रहे हैं,पुलिस उन्हें कथित रूप से छूट दे रखी है,इन्हीं सबआरोप में शिकारपुर थाना अध्यक्ष पर कार्रवाई की गई है।

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