नीट यूजी परीक्षा 2026 रद्द होना प्रशासनिक विफलता का द्योतक।
परीक्षार्थियों पर आघात,विश्वसनीयता समाप्त
बेतिया, बिहार।
नीट यूजी 2026 की परीक्षा रद्द होना केवल प्रशासनिक विफलता नहीं बल्कि 22 लाख से अधिक बेटियों के विश्वास पर आधात है। पेपर लीक,अनियमितताओं ने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ी कर दिए हैं, परीक्षा केंद्र पर छात्र,छात्रों की शारीरिक जांच की जाती है,लेकिन प्रश्नपत्र लीक होने सेअसली सफलता प्रशासनिक और संस्थागत तंत्र में दिखाई देती है। न्यायालयों को स्वतंत्र संज्ञान लेकर स्वत:संज्ञान लेकर स्वतंत्र जांच करनी चाहिए, दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करना चाहिए।यह कोई नई बात नहीं है,इसके पूर्व में भी कई बार विभिन्न प्रकार के परीक्षाओं का प्रश्नपत्र लीक हो चुका है,मगर सरकार एवं प्रशासन मूकदर्शक बना रहता है। इस घटना पर नियंत्रण करने के लिए सरकार को कठोर कदम उठानी चाहिए,सरकारऔर प्रशासन को परीक्षा की तिथि निर्धारित करने के बाद से ही उस पर पैनी नजर रखनी चाहिए,परीक्षा शुरू होने के पूर्व,परीक्षा समाप्ति तक काफी सतर्कता बरतनी चाहिए,पुलिस प्रशासन से लेकर जिला प्रशासन एवं राज्य प्रशासन के सभी पदाधिकारी को इस परीक्षा के प्रति संवेदनशील रहकर
परीक्षा का संचालन करना चाहिए।
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