जीएमसीएच बेतिया में मरीजों की जान जोखिम में,जान से हो रहा है खिलवाड़।

शहाबुद्दीन अहमद
बेतिया, बिहार।
स्थानी नगर थाना क्षेत्र में अवस्थित बेतिया सरकारी मेडिकल कॉलेजअस्पताल इन दिनों मरीज के जान से खिलवाड़ कर रहा है,मरीज का जान जोखिम में पड़ा हुआ है,नित्यदिन विभिन्न प्रकार के शिकायतें मरीज और उनके परिजनों के द्वारा मिल रही है,अस्पताल प्रशासन मूकदर्शक बना रहता है, यही कारण है कि जिला का सरकारी अस्पताल की व्यवस्था,रखरखाव,रोगी उनके परिजन के साथ दुर्व्यवहार,डॉक्टरों,नर्सों स्वास्थ्य कर्मियों का ड्यूटी से अनुपस्थित,इंटर्नशिप डॉक्टर का हस्तक्षेप,मारपीट,लड़ाई झगड़ा,गालीगलौज,डॉक्टरों कीअनुपस्थिति में इंटर इंटरनलशिप कर रहे डॉक्टर युवकों का रोगी,उनके परिजनों के साथ समय पर इलाज नहीं करना नित्यदिन की नियति बन गई है। अस्पताल के वार्डों में इलाज के लिए रह रहे रोगी के लिए स्नानघर,शौचालय की स्थिति भी दयनीय है,अस्पताल परिसर के प्रथम,द्वितीय, तृतीय तल्ला में,पानी,बिजली
कूलर,पंखा की स्थिति ठीक
नहीं है,इसभीषण गर्मी में
रोगियों कीभारी परेशानी
उठानी पड़ रही है। डॉक्टर और अस्पताल कर्मियों का कहना है कि इस भीषण गर्मी में हुई सुविधा उपलब्ध नहीं है जिसे रोगियों के इलाज करने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा रहा है।
जिस अस्पताल में पानी, बिजली,पंखा,कूलर शौचालय 
स्नानघर,मूत्रालय की व्यवस्था ठीक नहीं होगी, इसमें रोगियों का इलाज कैसे होगा। इतने बड़े सरकार की अस्पताल की ऐसी स्थित है जो रोगियों का इलाज करना कैसे संभव है।स्थानी भाजपा सांसद स्थानीय भाजपा विधायक को इससे कुछ लेना देना नहीं है,उनके क्षेत्र के इस अस्पताल की दुर्गति का कोई जानकारी नहीं है। कभी यह भाजपा विधायक और सांसद मुड़ कर कभी-कभी अस्पताल के निरीक्षण नहीं करते हैं,ताकि उनको वस्तु स्थिति की पता चल सके।
कांग्रेस के चनपटिया विधायक,अभिषेक रंजन और स्थानीय मानवअधिकार सह सामाजिक कार्यकर्ता, सुरैया शहाब ने कई बार इस
अस्पताल का भ्रमण कर जांच पड़ताल की,कई खामियों को मीडिया के माध्यम से उजागर किया, जांच की मांग की,मगर ढाक के तीन पात वाली कहावत चरितार्थ हो गई,नहीं अस्पताल प्रशासन,ना ही जिला प्रशासन इस पर कोई ध्यान दिया,कोई जांच नहीं की,जिससे डॉक्टर,नर्स, अस्पतालकर्मी का मनोबल बढ़ता जा रहा है,काम में कोई सुधार नहीं हो रहा है,
लापरवाही चरम सीमा पर है, 
डॉक्टर,नर्स,अस्पताल कर्मियों की सही समय पर ड्यूटी नहीं हो रहा है,रोगी और उसके परिजन परेशान हो रहे हैं,रोगियों की मौत का सिलसिला जारी है। इस सरकारीअस्पताल में मरीज को मूलभूत सुविधा नहीं मिल रही है।इलाज के नाम पर आर्थिक दोहन किया जा रहा है,सुई,दवा,पट्टी,मरहम,बेड,चादर,खाना,नाश्ता समय पर उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है,रोगी बाहर से दवा,सुई पानी,नाश्ता खाना मंगा कर खा रहे हैं।यहअस्पताल दलालों काअड्डा बन गया है,
दलाल चारों तरफ से हावी हो गए हैं।

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