दसवीं मोहर्रम के अवसर पर कस्बे सहित क्षेत्र में परम्परागत श्रद्धा और अकीदत के साथ निकला ताजिया जुलूस।

धनंजय कुमार शर्मा
बेल्थरारोड,बलिया।उत्तर प्रदेश। 
दसवीं मोहर्रम के अवसर पर शुक्रवार को बेल्थरारोड कस्बे सहित क्षेत्र में परम्परागत श्रद्धा और अकीदत के साथ ताजिया जुलूस निकाला गया।इस दौरान "या हुसैन" की सदाओं के बीच मातमी माहौल देखने को मिला।कुण्डैल,बहोरवां,अमूर्तानी का संयुक्त ताजिया जुलूस एक साथ निकाला गया।जो शाम करीब 5:30 बजे रेलवे चौराहा से शुरू हुआ और मेन बाजार होते हुए चौधरी चरण सिंह त्रिमुहानी के रास्ते कर्बला की ओर रवाना हुआ। जबकि बिठूआं की ताजिया सबसे पहले त्रिमुहानी होकर कर्बला की ओर बढ़ा।जो देर रात तक चलता।जुलुश के दौरान कस्बे की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई थी। नगर पंचायत की स्ट्रीट लाइट भी बंद होने के कारण मेंन बाजार में मार्ग पर अंधेरा छाया रहा। इस दौरान काफी संख्या में अकीदतमंद जुलूस में शामिल रहे। जुलूस में मुख्य रूप से इंडिया गेट की भव्य झांकी,कर्बला की झांकी,सहित सफेद घोड़े की "दुलदुल"झांकी आकर्षक का केंद्र बनी रही। इन्हें देखने के लिए मार्ग के दोनों तरफ देर रात तक लोगों की भारी भीड़ जमी रही। ताशा और नगाड़ों के मातमी धुनों के बीच अकीदतमंदों ने लाठी डंडों से शानदार प्रदर्शन किया।मेन मार्ग पर जुलूस में शामिल श्रद्धालुओं के लिए समितियों एवं सामाजिक संगठनों द्वारा जगह जगह ठंडे पानी, नीबू शरबत सहित अन्य पेय पदार्थों की व्यवस्था की गई थी। ताज़िया जुलुश के दौरान गंगा - जमुनी तहजीब की मिशाल भी देखने को मिली। मुस्लिम समुदाय के साथ काफी संख्या में हिंदू समाज के लोग भी शामिल होकर ताशा बजाकर आपसी भाई चारे का संदेश दिया।जुलुश में महिलाएं,बच्चों की भागीदारी भी अच्छी रही।  
 जुलुश में रिजवान अहमद, प्रवीण नारायण, सभासद निलेश दीपू, नैयर आजम, जमाल, मक्की, अजीज, शाहनवाज अहमद, एजाजुद्दीन शेख, हारुन अंसारी, नसीम बेकरी, प्रशांत कुमार मंटू, तथा ताजिया कमेटी के सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। जुलुश को शान्तिपूर्ण माहौल में सम्पन्न कराने के लिए सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिश प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद रहा।

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