वीर अब्दुल हमीद एवं स्वर्गीय अब्दुल कयूम अंसारी की जयंती समारोह का आयोजन पटना में आज।
जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा करेंगे उद्घाटन, मंत्री ज़मा ख़ान, एमएलसी संजय कुमार गांधी सहित कई गणमान्य अतिथि होंगे शामिल।
मोहम्मद आसिफ अता
हाजीपुर, बिहार।
बिहार स्टेट मदरसा एजुकेशन बोर्ड, पटना के चेयरमैन जनाब सलीम परवेज के संरक्षण तथा वीर अब्दुल हमीद फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष जनाब अली इमाम भारती की अध्यक्षता में इदरीसिया दर्ज़ी फेडरेशन, बिहार के तत्वावधान में आज, 1 जुलाई 2026 को पूर्वाह्न 11:00 बजे से बिहार इंडस्ट्रियल एसोसिएशन (BIA) भवन, पटना में भारत की दो महान विभूतियों परमवीर चक्र विजेता अमर शहीद वीर अब्दुल हमीद एवं महान स्वतंत्रता सेनानी, समाज सुधारक तथा पिछड़े समाज के प्रखर नेता स्वर्गीय अब्दुल कयूम अंसारी की जयंती के अवसर पर पहली बार भव्य जयंती समारोह, सम्मान समारोह एवं सामाजिक-वैचारिक संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है।
यह कार्यक्रम बिहार स्टेट मदरसा एजुकेशन बोर्ड के चेयरमैन जनाब सलीम परवेज तथा इदरीसिया दर्ज़ी फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष जनाब अली इमाम भारती के संरक्षण एवं मार्गदर्शन में आयोजित हो रहा है।इदरीसिया दर्ज़ी फेडरेशन, बिहार के प्रदेश अध्यक्ष राजू वारसी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि कार्यक्रम का उद्घाटन जनता दल (यूनाइटेड) के प्रदेश अध्यक्ष एवं महनार विधानसभा क्षेत्र के विधायक जनाब उमेश सिंह कुशवाहा करेंगे।कार्यक्रम में बिहार स्टेट मदरसा एजुकेशन बोर्ड के चेयरमैन जनाब सलीम परवेज मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। वहीं विशिष्ट अतिथियों के रूप में बिहार सरकार के मंत्री ज़मा ख़ान, जदयू के वरिष्ठ नेता एवं विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) संजय कुमार गांधी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक शामिल होंगे।समारोह में वीर अब्दुल हमीद एवं स्वर्गीय अब्दुल कयूम अंसारी के व्यक्तित्व, कृतित्व और राष्ट्र एवं समाज के प्रति उनके योगदान पर विशेष व्याख्यान प्रस्तुत किए जाएंगे। साथ ही सामाजिक न्याय, शिक्षा, बुनकरों, दस्तकारों, दर्ज़ी समाज, धुनिया एवं रंगरेज़ समाज के विकास, सहकारिता आंदोलन (कोऑपरेटिव मूवमेंट) तथा सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की जाएगी।इदरीसिया दर्ज़ी फेडरेशन, बिहार के प्रदेश महासचिव राजू वारसी ने राज्यभर के सभी पदाधिकारियों, बुद्धिजीवियों, युवाओं, महिलाओं, बुनकरों, दस्तकारों तथा आम नागरिकों से अपील की है कि वे इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर इसे सफल बनाएं।
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