क़ौमी असातिज़ह तंज़ीम के प्रदेश अध्यक्ष मो0 रफ़ी को भूषण झा की बधाई
मैं शिक्षकों की समस्याओं से भली-भांति परिचित हूँ, आर्थिक संकट ने उनके जीवन का सुकून छीन लिया है : भूषण झा
हमारा संगठन उर्दू भाषा, उर्दू शिक्षकों तथा उर्दू छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाने के लिए संघर्षरत है, आपके सहयोग से बेहतर परिणाम मिलेंगे : मो0 रफ़ी
मुज़फ्फरपुर/ हाजीपुर (वैशाली) बिहार।
भूषण कुमार झा एक सिद्धांतनिष्ठ एवं आदर्श व्यक्तित्व के धनी हैं। वे न केवल एक सक्रिय शिक्षक नेता हैं, बल्कि एक शिक्षक परिवार में जन्मे हैं, इसलिए शिक्षकों की समस्याओं और कठिनाइयों से भली-भांति परिचित हैं। उन्होंने कहा कि यदि वे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से एमएलसी निर्वाचित होते हैं, तो अपना पूरा वेतन शिक्षकों के कल्याण पर खर्च करेंगे। उन्होंने ये बातें 26 जुलाई 2026, रविवार को क़ौमी असातिज़ह तंज़ीम बिहार के प्रदेश अध्यक्ष मो0 रफ़ी तथा संगठन के पदाधिकारियों से मुलाकात के दौरान कहीं। श्री भूषण कुमार झा, मो0 रफ़ी को क़ौमी असातिज़ह तंज़ीम बिहार का निर्विरोध प्रदेश अध्यक्ष चुने जाने पर बधाई देने के लिए मुशहरी प्रखंड के ग्राम चक अलहदाद स्थित उनके आवास पर पहुँचे थे। उल्लेखनीय है कि मो0 रफ़ी गत 22 जुलाई को संगठन के निर्विरोध प्रदेश अध्यक्ष निर्वाचित हुए हैं। मो0 रफ़ी के आवास पहुँचने पर सबसे पहले उन्हें शॉल ओढ़ाकर एवं टोपी पहनाकर सम्मानित किया गया। इसके बाद श्री भूषण कुमार झा ने मो0 रफ़ी को शॉल ओढ़ाकर तथा पुष्पगुच्छ भेंट कर उन्हें हार्दिक बधाई दी।
इस अवसर पर भूषण कुमार झा ने कहा, "आपने मुज़फ्फरपुर का नाम गौरवान्वित किया है। आपका व्यक्तित्व अनुकरणीय है और आपने शिक्षकों के अधिकारों की लड़ाई को अपना मिशन बना लिया है, जो न केवल प्रशंसनीय बल्कि अनुकरणीय भी है।" भूषण कुमार झा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से एमएलसी पद के उम्मीदवार हैं। पिछले चुनाव में वे बहुत कम मतों के अंतर से पराजित हुए थे, किंतु इस बार उनकी दावेदारी पहले से अधिक मजबूत मानी जा रही है। इसी कारण वे क़ौमी असातिज़ह तंज़ीम बिहार का समर्थन चाहते हैं। यह भी सत्य है कि संगठन आज पूरे बिहार में एक मजबूत एवं प्रभावशाली पहचान रखता है और किसी भी उम्मीदवार की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इस अवसर पर डॉ. मोहम्मद तनवीर अहमद ने श्री भूषण कुमार झा का प्रभावी मार्गदर्शन किया। इस अवसर पर क़ौमी असातिज़ह तंज़ीम बिहार के प्रदेश अध्यक्ष मो0 रफ़ी ने कहा, "हमारा संगठन बिहार की दूसरी राजभाषा उर्दू के अधिकारों, उर्दू शिक्षकों की समस्याओं तथा उर्दू छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए निरंतर संघर्ष कर रहा है। यदि आप इस संघर्ष में हमारे साथ मजबूती से खड़े रहेंगे, तो निश्चित रूप से उर्दू भाषा और उससे जुड़े लोगों के हित में बेहतर परिणाम सामने आएँगे।" इस पर भूषण कुमार झा ने आश्वस्त करते हुए कहा, "मेरा जन्म एक शिक्षक के घर में हुआ है, इसलिए मैं शिक्षकों की समस्याओं को बहुत करीब से जानता हूँ। मेरी माता का कैंसर के कारण निधन हो गया। आज ईश्वर की कृपा से मेरे पास सब कुछ है और मेरे बच्चे भी अपने पैरों पर खड़े हैं। इसलिए मुझे किसी निजी लाभ या लालच की आवश्यकता नहीं है। मुझे चिंता इस बात की है कि आज एक शिक्षक के पास समुचित इलाज के लिए भी पैसे नहीं हैं। उसके लिए सुकून की जिंदगी जीना एक सपना बनता जा रहा है।" मो0 रफ़ी ने कहा, "आज भी शिक्षक गंभीर आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं और सेवानिवृत्ति के बाद भी उन्हें अपेक्षित सुविधाएँ नहीं मिल पाती हैं। इसलिए शिक्षकों के अधिकारों के लिए मजबूत और संगठित संघर्ष समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।"
डॉ. मोहम्मद तनवीर अहमद ने कहा, "स्थिति यह है कि वेतन मिलने के एक सप्ताह के भीतर ही जेब खाली हो जाती है और शेष महीना उधार और कर्ज़ के सहारे बिताना पड़ता है।" भूषण कुमार झा ने दुःख व्यक्त करते हुए कहा, "आज भी अनेक सरकारी विद्यालयों में पीने के स्वच्छ पानी की समुचित व्यवस्था नहीं है। शिक्षक घर से पानी ले जाने को विवश हैं। विद्यालयों के शौचालयों की स्थिति भी अत्यंत खराब है। आखिर सरकार द्वारा दिया जाने वाला धन कहाँ खर्च हो रहा है?" उन्होंने आगे कहा, "कार्यालयों की व्यवस्था इतनी जटिल है कि विद्यालय की छुट्टी के बाद कम से कम 20 प्रतिशत शिक्षकों को एरियर, अवकाश, मेडिकल बिल, शैक्षणिक अवकाश अथवा अन्य तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। ऐसे में एक शिक्षक सुकून भरा जीवन कैसे जी सकता है?"
उन्होंने कहा कि शिक्षक नेता होने के नाते उन्हें प्रतिदिन अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कई समस्याएँ स्थानीय स्तर पर हल हो जाती हैं, जबकि अनेक मामलों में शिक्षकों को पटना के कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इस अवसर पर क़ौमी असातिज़ह तंज़ीम बिहार के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य मो0 रिज़वान, प्रधान महासचिव मो0 ताजुद्दीन, कोषाध्यक्ष मो0 जावेद आलम, मीडिया प्रभारी वकार आलम, संगठन सचिव नसीम अख्तर, एम. वजाहत रफ़ी वेलफेयर ट्रस्ट के अध्यक्ष मो0 समी, होमी चिल्ड्रेन स्कूल के प्राचार्य मो0 शाहनवाज़, मो0 आसिफ सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे।
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