सरकारी दफ्तर में 'ताला राज '"11:00 बजे लेट नहीं 3:00 बजे भेंट नहीं"
बेतिया, बिहार।
जिला के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के सभी कार्यालय खुलने और बंद होने की कोई गारंटी नहीं है,नजारत अधिकतर कार्यालय की स्थिति यह नजरआती है कि 11:00 बजे से जनता लाइन में लगी रहती है, कर्मचारीगण लापता रहते हैं।ऐसे कार्ययालय मैं काम करने वाले कर्मियों के लिए यह कहावत चरितार्थ होती नजर आती है कि "11:00 बजे लेट नहीं,3:00 बजे भेंट नहीं "।ऐसे कार्यालयों में काम कराने पहुंचे लोग घंटों भटकते रहे,लेकिन कार्यालय का ताला नहीं खुला।सरकारी समय में सभी सरकारी कार्यालय, विद्यालय,प्रखंड औरअंचल कार्यालय,पंचायतभवन कार्यालय बंद मिलने पर दूर दराज,सुदूर क्षेत्र सेभाड़ा खर्च करके सेआए हुए ग्रामीण मायूस होकर अपनेअपने घरों को लौट जाते हैं।इस तरह से सवालों के घेरे में कई सरकारी कार्यालय,विद्यालय,प्रखंड, अंचल,अनुमंडल कार्यालय के अलावा ग्रामीण डाकघर इत्यादि कई सवालों के घेरे में आ रहे हैं।क्या यह सरकारी व्यवस्था सम्राट चौधरी के सरकार में, किसके भरोसे चल रहा है।
इन बिंदुओं के मद्देनजर
आमलोगों की मांग उठ रही है ऐसे लापरवाह कर्मियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के साथ साथ वेतन स्थगित किया जाए,ऐसे कर्मियों का अभिलंब स्थानांतरण किया जाए,उनके स्थान पर समय पर ड्यूटी करने वाले कर्मियों का पदस्थापन किया जाए।
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