डीएम कार्यालय परआशा कार्यकर्ताओं का 11सूत्री माँगों को लेकर हल्लाबोल, प्रदर्शन।


शहाबुद्दीन अहमद
बेतिया, बिहार।
बिहार राज्यआशा संघ बिहार राज्यआशा फैसिलिटेटर संघ के राज्यव्यापीआह्वान पर जिला की सैकड़ोंआशा एवं आशा फैसिलिटेटर ने जिला पदाधिकारी कार्यालय के समक्ष एकजुट होकरअपनी 11सूत्रीय मांगों को लेकर धरने पर बैठकर प्रदर्शन करने लगी,इस दौरानआशा कार्यकर्ताओं ने सरकार के साथ स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए कहा कि वर्षों से स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ बनी आशा बहनों के साथ लगातार उपेक्षा की जा रही है,उनका बकाया भुगतान लंबित है,ड्रेस,मोबाइल रिचार्ज मद की राशि में कटौती की जा रही है, जबकि लगातार काम का बोझ बढ़ाया जा रहा है।
धरना दे रही आशा कार्यकर्ताओं ने संवाददाता कोअपनी मांगों की जानकारी देते हुए कहा कि आशा, आशा फैसिलिटेटर का लंबित भुगतानअविलंब किया जाए, ड्रेस एवं मोबाइल रिचार्ज की राशि में की गई कटौती वापस ली जाए,सेवानिवृत्ति कीआयु सीमा 60 वर्ष से बढ़ाकर 65 वर्ष की जाए, उम्र सत्यापन के लिएआधार कार्ड को ही मान्य प्रमाण पत्र माना जाए,इसके साथ ही तीन वर्षों सेअधिक समय से एक ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जमेअकाउंटेंट, बीसीएम का स्थानांतरण करने,आशा,फैसिलिटेटर का भुगतान पहले की तरह अश्विनी पोर्टल से कराने, आशा की सेवा स्थायी करने, के साथ साथ 26 हजार रुपये मासिक मानदेय लागू करने की भी मांग उठाई गई।
प्रदर्शन के दौरान यह भी बताया गया कि आशा कार्यकर्ताओं को मानसिक रूप से प्रताड़ित करना बंद किया जाए,एक ही आंगनबाड़ी केंद्र पर दो या तीनआशाओं की बहाली की व्यवस्था समाप्त की जाए।  लौरिया प्रखंड में बीसीएम, रीना देवी पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाए।धरना के बाद संघ का दो सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल,प्रदेश कार्यकारीअध्यक्ष,ओम प्रकाश क्रांति के नेतृत्व में जिला पदाधिकारी से मिलकरअपनी मांगपत्र सौंपते हुए समस्याओं से विस्तार सेअवगत कराया। प्रतिनिधिमंडल ने जिला पदाधिकारी सेआग्रह किया कि जब तक आशा के साथ आशाफैसिलिटेटर का बकाया भुगतान नहीं हो जाता,तब तक संबंधित प्रभारी,बीसीएम,अकाउंटेंट के भुगतान पर भी रोक लगाई जाए,ताकि लंबित भुगतान की समस्या का शीघ्र समाधान हो सके।
धरना को संबोधित करते हुए ट्रेड यूनियन नेताओं महिला प्रतिनिधियों ने कहा कि आशा कार्यकर्ता वर्षों से गांव-गांव जाकर टीकाकरण, प्रसव,पोषण,परिवार कल्याण और स्वास्थ्य योजनाओं को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं,लेकिन उन्हें आज भी सम्मानजनक मानदेय,समय पर भुगतान,सामाजिक सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखा गया। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार के साथ स्वास्थ्य विभाग ने जल्द ही उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया,तो बाध्य होकर आंदोलन को व्यापक बनाया जाएगा,जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार, प्रशासन की होगी।धरना कार्यक्रम की अध्यक्षता,रंजना चौहान ने की,इसअवसर पर साधना देवी,रंजना,पुष्पा,मुन्ना, सरोज सहित बड़ी संख्या में आशा,आशा फैसिलिटेटर उपस्थित रहीं। वहीं ट्रेड यूनियन नेता,फिरोज भारती, उर्मिला,आरती पटेल, शहनाज,माला,सुनीता, पूनम,गुलाबी देवी,संजना सहित कई वक्ताओं ने सभा को संबोधित करते हुएआशा कार्यकर्ताओं के संघर्ष को न्याय की लड़ाई बताते हुए एकजुट होकरआंदोलन को तीव्र करने काआह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान पूरे परिसर मेंअपनी मांगों को लेकर गगनचुंबी नारों पूरा पेरिसर गूंजते रहे,आशा कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी जायज मांगें पूरी नहीं होतीं,तब तक उनका संघर्ष जारी रहने का आह्वान किया।

Comments

Popular posts from this blog

The Robotics and AI Innovation Lab was inaugurated at Carmel Girls' Inter College.

नशा मुक्त भारत अभियान के तहत एक परिचर्चा का आयोजन किया गया।

जो सिफत बाप में होती है कमोबेश वही सिफत औलाद में पाई जाती है - मुफ्ती अकरम