15 वर्षीय उमंग द्विवेदी ने लिखी पहली पुस्तक, जिले के पहले स्वप्रकाशित युवा लेखक बने।
सिद्धार्थ नगर, उत्तर प्रदेश।
मिठवल विकास खंड के बरगदी निवासी 15 वर्षीय छात्र उमंग ने कम उम्र में अपनी पहली पुस्तक 'द अनसॉल्व्ड मिस्ट्री' लिखकर साहित्य जगत में अपनी अलग पहचान बनाई है। वह सिद्धार्थनगर जनपद के पहले स्वप्रकाशित युवा लेखक के रूप में उभर रहे हैं।
उमंग, बरगदी निवासी पूर्व मंडल अध्यक्ष रमेश धर द्विवेदी के पुत्र हैं और लिटिल फ्लावर स्कूल में कक्षा 10 के छात्र हैं। पढ़ाई के साथ-साथ लेखन के प्रति उनकी रुचि ने उन्हें पहली पुस्तक लिखने के लिए प्रेरित किया।
उमंग ने बताया कि उनका उद्देश्य केवल पुस्तक लिखना ही नहीं, बल्कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से अधिक से अधिक पाठकों तक अपनी रचना पहुंचाना भी है। इसी उद्देश्य से उन्होंने स्वयं अपनी पुस्तक के लिए एक वेबसाइट तैयार की है, जहां पुस्तक, लेखक परिचय और अन्य आवश्यक जानकारियां उपलब्ध हैं।
उमंग की प्रतिभा को प्रोत्साहित करते हुए लिटिल फ्लावर स्कूल के फादर ने उनकी पुस्तक की पचास प्रतियां खरीदकर विद्यालय के विद्यार्थियों में वितरित कराईं, ताकि अन्य छात्र भी लेखन के प्रति प्रेरित हो सकें।
उमंग ने बताया कि भविष्य में वह और भी पुस्तकें लिखना चाहते हैं तथा पढ़ाई के साथ-साथ लेखन के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ना चाहते हैं। उनका सपना एक सफल लेखक बनकर अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज में सकारात्मक संदेश देना है।
उमंग की इस उपलब्धि पर क्षेत्र के लोगों, शिक्षकों और शुभचिंतकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर राजू पाठक, दिनेश धर द्विवेदी, रामसहाय धर द्विवेदी,राजेंद्र चौरसिया, मौलेश्वर बाबा, दीपचंद जायसवाल, बब्बू श्रीवास्तव सहित अन्य लोगों ने मिठाई खिलाकर उन्हें बधाई दी।
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