अगस्त 2026 से जिला में पेपरलेस होगी जमीन की रजिस्ट्री,कागजाती तामझाम से मिलेगी मुक्ति।


शहाबुद्दीन अहमद
बेतिया, बिहार।
जिले में जमीन रजिस्ट्री के दौरानअब क्रेता विक्रेता को कागजातों की जरूरत नहीं पड़ेगी,पूरी प्रक्रिया डिजिटल, पेपरलेस होगी।जिला निबंधन कार्यालय ने इसकी पहल शुरू कर दी है,अगस्त 2026 से जमीन रजिस्ट्री का नई व्यवस्था लागू हो जाएगी। 
जिलाअवर निबंधक,गिरीश चंद्र ने संवाददाता को बताया कि बिहार निबंधन नियम  2026,बिहार स्टांप सेवा प्रदाता की अनुज्ञप्ति एवं स्टांप की आपूर्ति नियमावली 2026 के तहत पेपरलेस में बंधन प्रणाली लागू की जा रही है। जिला निबंधन कार्यालय में भी नई व्यवस्था लागू करने के लिए हर स्तर पर काम चल रहा है। नई व्यवस्था में अधिवक्ता, दस्तावेजनवीस,मोहर्रिर,डीड राइटर को सेवाप्रदाता के रूप मेंअनुज्ञप्ति दी जाएगी,सेवा प्रदाता दस्तावेज तैयार करेंगे,
ऑनलाइनअपलोड करेंगे, सिग्नेचर करायेंगे,पक्षकारों, गवाहों का ई हस्ताक्षर करोयेंगे,स्टांप शुल्क की गणना करेंगे,स्टांप बुकिंग कराएंगे,ईस्टांप कोड जारी करने में मदद करेंगे। जिला सब रजिस्ट्रार ने संवाददाता को बताया कि पेपरलेस व्यवस्था लागू होने के बाद जमीन की रजिस्ट्री पहले की तुलना में ज्यादा पारदर्शी, सुरक्षित,ज्यादा तेज होगी, लोगों को कागजी दस्तावेज का बंडल लेकर नहीं आना पड़ेगा,सभी दस्तावेज अब ऑनलाइन तैयार होकर अपलोड होंगे।बायोमेट्रिक सत्यापन होगा,ई केवाईसी होगा,डिजिटल हस्ताक्षर से पूरी प्रक्रिया पूरी होगी।
रजिस्ट्री के बाद दस्तावेज की डिजिटल प्रति तत्काल उपलब्ध करा दी जाएगी। इससे रजिस्ट्री में लगने वाला समय कम हो जाएगा,कागज गुम होने या क्षतिग्रस्त होने की समस्या खत्म हो जाएगी।
जिलाअवर निबंधक ने संवाददाता को बताया कि विभाग सेवा प्रदाता को अनुज्ञप्ति देने की प्रक्रिया शुरू कर रहा है। पहले जिला निबंधन कार्यालय में पेपरलेस और डिजिटल रजिस्ट्री की व्यवस्था लागू होगी,इसके बाद ही अन्य निबंधन कार्यालय,बगहा नरकटियागंज,लोरिया, चनपटिया के निबंधन कार्यालय में भी पेपरलेस, डिजिटल रजिस्ट्री सेवा लागू कर दी जाएगी,इससे जमीन निबंधन कराने वाले,खरीदने बेचने वाले को ज्यादा ही आसानी होगी। गिरीशचंद्र ने जिला के अधिवक्ताओं, दस्तावेजनवीस,मुहर्रिर से समय परआवेदन करने की अपील की है।

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