मानवाधिकारों की रक्षा के लिए 25 वर्षों से संघर्षरत है तीसरी आंख संगठन - शैलेंद्र मिश्रा
25वें स्थापना दिवस पर संगठन ने मनाया सिल्वर जुबिली समारोह, समाजसेवियों और नव-निर्वाचित पदाधिकारियों का हुआ सम्मान।
सेराज अहमद कुरैशी
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।
तीसरी आंख मानवाधिकार संगठन का 25वां स्थापना दिवस (सिल्वर जुबिली समारोह) गोलघर स्थित एक स्थानीय रेस्टोरेंट में उत्साह और गरिमामय वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संगठन के संस्थापक अध्यक्ष शैलेंद्र कुमार मिश्र ने की। समारोह में संगठन की 25 वर्षों की यात्रा, उपलब्धियों और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए किए गए संघर्षों को याद करते हुए भविष्य की कार्ययोजना पर भी चर्चा की गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों एवं वरिष्ठ सदस्यों के माल्यार्पण और स्वागत से हुआ। संगठन से वर्षों से जुड़े उन वरिष्ठ साथियों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपने तन, मन और धन से संगठन को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वक्ताओं ने कहा कि इन्हीं लोगों के अथक प्रयासों का परिणाम है कि आज संगठन की पहचान उत्तर प्रदेश से निकलकर कर्नाटक, महाराष्ट्र और गुजरात जैसे राज्यों तक स्थापित हो चुकी है।
इस अवसर पर दीवानी बार एसोसिएशन के नवनिर्वाचित अध्यक्ष उमापति उपाध्याय, बार एसोसिएशन के नवनिर्वाचित कोषाध्यक्ष प्रवीण कुमार शुक्ला तथा माध्यमिक शिक्षक संघ (ठकुरा गुट) के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. जयप्रकाश नायक को माल्यार्पण कर सम्मानित किया गया। संगठन की ओर से केक काटकर सिल्वर जुबिली वर्ष का उत्सव मनाया गया और सभी ने एक-दूसरे को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में संस्थापक अध्यक्ष शैलेंद्र कुमार मिश्र ने कहा कि तीसरी आंख मानवाधिकार संगठन का मूल उद्देश्य समाज के प्रत्येक व्यक्ति के मानवाधिकारों की रक्षा करना और जरूरतमंदों को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष करना है। उन्होंने कहा कि पिछले 25 वर्षों में संगठन ने निष्पक्ष और निर्भीक तरीके से समाज के कमजोर, पीड़ित और अधिकारों से वंचित लोगों की आवाज़ उठाई है। संगठन आगे भी मानवाधिकारों के संरक्षण, जन-जागरूकता और न्याय दिलाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करता रहेगा।
उन्होंने कहा कि आज भी समाज में अनेक लोग अपने संवैधानिक और मानवाधिकारों के प्रति जागरूक नहीं हैं। ऐसे लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना, उनका संरक्षण करना तथा आवश्यकता पड़ने पर उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर संघर्ष करना ही संगठन का संकल्प है।
कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने संगठन की 25 वर्षों की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि तीसरी आंख मानवाधिकार संगठन ने सामाजिक न्याय, जनहित और मानवाधिकारों के संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। सभी ने संगठन के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए इसे और अधिक मजबूत बनाने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर प्रो. डॉ. रहमत अली, डॉ. विजाहत करीम, शैलेंद्र कुमार मिश्र, उमापति उपाध्याय, प्रवीण कुमार शुक्ला, रत्नेश्वर प्रसाद शुक्ला, डॉ. जयप्रकाश नायक, सैयद वसीम इकबाल, मुर्तजा हुसैन रहमानी, अफजाल अहमद खान, सेराज अहमद कुरैशी, इरफान सिद्दीकी, संतोष गुप्ता, तनवीर आजाद, नितेश कुमार पांडेय, खुशबू सिंह खरवार, तबस्सुम, गोरखनाथ मौर्य सहित बड़ी संख्या में संगठन के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
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