एक पेड़ माँ के नाम 3.0' अभियान में 48,624 पौधों के साथ जमुई जिला पूरे बिहार में प्रथम स्थान पर।


ब्यूरो चीफ मोहम्मद ग़ुलाम सरवर।
जमुई, बिहार।
इको क्लब 'मिशन फॉर लाइफ' योजना के अंतर्गत संचालित 'एक पेड़ माँ के नाम 3.0' अभियान में जमुई जिले ने पूरे बिहार में प्रथम स्थान प्राप्त कर एक अभूतपूर्व ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित किया है। जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा साझा की गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, जिले ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक विशाल जन-आंदोलन का रूप लेते हुए कुल 48,624 पौधों का रोपण किया है। यह गौरवपूर्ण उपलब्धि जिला पदाधिकारी के कुशल मार्गदर्शन और स्थानीय विद्यालयों की उत्कृष्ट भागीदारी का प्रत्यक्ष परिणाम है। राज्य स्तर पर इस अभियान के तहत अब तक हुए कुल वृक्षारोपण की संख्या 1,24,433 दर्ज की गई है, जिसमें अकेले जमुई जिले की हिस्सेदारी लगभग 39.08 प्रतिशत रही है, जो जिले की पर्यावरण संरक्षण की अटूट प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। इस सूची में खगड़िया जिला 10,457 पौधों के साथ दूसरे स्थान पर तथा सीवान जिला 7,478 पौधों के साथ तीसरे स्थान पर रहा है।
इस हरित क्रांति को धरातल पर उतारने में जिले के शैक्षणिक अमले ने अद्वितीय समर्पण का प्रदर्शन किया है। अभियान के तहत जमुई जिले के कुल 90,007 छात्र-छात्राओं ने सीधे तौर पर अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराई, जबकि 4,957 शिक्षकों ने इस पूरे अभियान का अत्यंत कुशल  नेतृत्व किया। इस प्रकार कुल 94,964 प्रतिभागियों के सामूहिक व अनुकरणीय प्रयासों ने इस अभियान को जिले में सफल बनाया। यह संख्यात्मक भागीदारी भी राज्य स्तर पर एक बड़ा मानक स्थापित करती है, क्योंकि जिले के प्रतिभागी राज्य के कुल प्रतिभागियों (2,87,694) का 33 प्रतिशत से भी अधिक हैं। स्कूलों और बच्चों के माध्यम से अपनी माँ के नाम पर रोपित किए गए ये पौधे आने वाले समय में जिले की जैव-विविधता को समृद्ध करने और हरित आवरण को अभूतपूर्व मजबूती प्रदान करने में मील का पत्थर साबित होंगे, जिसने पूरे बिहार के समक्ष पर्यावरण संरक्षण का एक नया रोल मॉडल पेश किया है।
        इसके अतिरिक्त, विद्यार्थियों में प्रारंभिक स्तर से ही पर्यावरणीय मूल्यों का विकास करने के उद्देश्य से संचालित इको क्लब के गठन में भी जमुई जिला 99.56 प्रतिशत कार्य पूर्णता दर के साथ राज्य स्तर पर सातवें स्थान पर मजबूती से काबिज है। अभियान के इन उत्कृष्ट और गौरवशाली परिणामों को भविष्य में भी अक्षुण्ण रखने तथा शत-प्रतिशत लक्ष्यों की समयबद्ध प्राप्ति हेतु जिला शिक्षा पदाधिकारी, जमुई द्वारा निरंतर विभागीय समीक्षा बैठक की जा रही है। इन बैठकों में जिला शिक्षा पदाधिकारी ने जिले के शेष बचे हुए सभी विद्यालय प्रधान को  शिक्षण संस्थानों में नामांकित छात्र-छात्राओं की कुल संख्या के अनुपात में अविलंब पौधारोपण की प्रक्रिया को पूर्ण करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही, इस संपूर्ण व्यवस्था में पूर्ण पारदर्शिता, जवाबदेही तथा वास्तविक समय की प्रगति की निगरानी बनाए रखने के उद्देश्य से रोपे गए पौधों की लाइव तस्वीरों को निर्धारित विभागीय पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड करने का भी निर्देश दिया गया है। ताकि जमुई जिले के इस शीर्ष रैंकिंग की निरंतरता  बरकरार रखा जा सके।
इको क्लब गठन के क्षेत्र में भी जमुई जिला 99.56 प्रतिशत कार्य पूर्णता के साथ राज्य स्तर पर सातवें स्थान पर काबिज है, जो प्रशासनिक तंत्र की सक्रियता को दर्शाता है। अभियान की इस निरंतरता और शत-प्रतिशत लक्ष्य की प्राप्ति को लेकर जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा समीक्षा करते हुए कड़े दिशा-निर्देश भी दिए गए हैं। उन्होंने जिले के शेष बचे हुए सभी विद्यालय प्रधानों को स्पष्ट और कड़ा निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने विद्यालयों में नामांकित बच्चों की संख्या के अनुपात में अविलंब पौधारोपण का कार्य पूर्ण करना सुनिश्चित करें। इसके साथ ही, पारदर्शिता और प्रगति की वास्तविक निगरानी बनाए रखने के उद्देश्य से रोपे गए पौधों की लाइव तस्वीरों को निर्धारित विभागीय पोर्टल पर अविलंब अपलोड करने की हिदायत दी गई है, ताकि जिले की इस शीर्ष रैंकिंग को अक्षुण्ण रखा जा सके।
         इसके अलावे अपार कार्ड निर्माण में वर्त्तमान में जमुई जिला कुल नामांकित छात्रों के विरुद्ध 77.15 प्रतिशत अपार कार्ड निर्माण कर पूरे राज्य में छठें स्थान पर है। वहीं अगर निजी विद्यालयों के मामले में 53.12 प्रतिशत अपार कार्ड निर्माण कर राज्य में तिसरे स्थान पर है। शेष छात्रों के अपार आई०डी० निर्माण हेतु लगातार प्रयास किया जा रहा है। 
इस प्रकार जमुई जिला न केवल 'एक पेड़ माँ के नाम' और 'इको क्लब' जैसी हरित पहलों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण में नए कीर्तिमान गढ़ रहा है, बल्कि 'अपार कार्ड' जैसी डिजिटल प्राथमिकताओं को भी त्वरित गति से लागू कर विद्यार्थियों के भविष्य को सुरक्षित और आधुनिक बना रहा है। पर्यावरण और डिजिटल शिक्षा का यह समन्वय जमुई को राज्य भर में एक रोल-मॉडल जिले के रूप में स्थापित करता है। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों, शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं से अपील की है कि वे विकास की इस निरंतरता को बनाए रखने में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें, ताकि जमुई जिला चौमुखी विकास के पथ पर निरंतर अग्रणी रहकर राज्य का गौरव बढ़ाता रहे।

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