पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के जन्मदिन पर 'जनकल्याण दिवस' के रूप में हुआ वृक्षारोपण।

सेराज अहमद कुरैशी 
गोरखपुर:उत्तर प्रदेश।
सहजनवा समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री, जननायक माननीय अखिलेश यादव जी का जन्म दिवस आज सहजनवा विधानसभा में बेहद हर्षोल्लास के साथ जनकल्याण दिवस' के रूप में मनाया गया।कार्यक्रम का आयोजन विधानसभा अध्यक्ष मनीष यादव कमांडो की अध्यक्षता में किया गया, जिसमें अतिथि के रूप में सर्व धर्म एकता मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सपा अल्पसंख्यक सभा के राष्ट्रीय सचिव अशफ़ाक हुसैन मेकरानी, जिला उपाध्यक्ष राजेन्द्र यादव उपस्थित रहे।इस अवसर पर पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए भारी संख्या में पौधा रोपण (वृक्षारोपण) किया।इसके बाद सभी ने एकजुट होकर अपने महबूब नेता अखिलेश यादव जी के जन्मदिन का केक काटा और उनके दीर्घायु होने की कामना की।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अतिथि अशफ़ाक हुसैन मेकरानी ने कहा,"केवल पौधा लगाना ही हम समाजवादियों का काम नहीं है, बल्कि इस पौधे की उचित देखभाल करना और इसे सींचना भी हमारा परम कर्तव्य है। जैसे-जैसे यह पौधा बड़ा होकर एक विशाल वृक्ष का रूप लेगा, वैसे ही हमारे जननायक अखिलेश यादव जी देश और राजनीति में और ऊंचे व सर्वोच्च स्थान पर आसीन होंगे।"कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विधानसभा अध्यक्ष मनीष यादव कमांडो ने कहा कि माननीय अखिलेश यादव जी के विचार और विकासपरक सोच ही उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बना सकती है। जिला उपाध्यक्ष डॉ. सईद बाबू रहबर ने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि आज का दिन हम सभी के लिए संकल्प लेने का दिन है कि हम समाजवादी विचारधारा को घर-घर तक पहुँचाएंगे । भव्य आयोजन में मुख्य रूप से राजेंद्र यादव, दुर्गेश कुमार, मास्टर भूपेंद्र सरकार (विधानसभा महासचिव), मुहम्मद अली, महिला सभा की जिला अध्यक्ष अनारकली मौर्या, विधानसभा अध्यक्ष (महिला सभा), डॉ. इरफान खान, रवींद्र चतुर्वेदी, मुजीबुर्रहमान, पूजा निषाद, उपेन्द्र भारतीय, धर्मेंद्र यादव, मुरारी लाल यादव, सुनील यादव, और दयाशंकर यादव सहित सैकड़ों की संख्या में समाजवादी कार्यकर्ता व स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

Comments

Popular posts from this blog

The Robotics and AI Innovation Lab was inaugurated at Carmel Girls' Inter College.

नशा मुक्त भारत अभियान के तहत एक परिचर्चा का आयोजन किया गया।

जो सिफत बाप में होती है कमोबेश वही सिफत औलाद में पाई जाती है - मुफ्ती अकरम