कड़ी सुरक्षा के बीच विपार्ड में विधायकों का दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ।


 उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णनने किया विधिवत उद्घाटन।
कहा -स्थिति ऐसी बने ताकि देश के अन्य हिस्सों से लोग रोजगार और अवसर की तलाश में आए बिहार। 
रिपोर्ट :विनोद विरोधी 
 गया, बिहार। 
जिले के विपार्ड में आयोजित विधायक प्रबोधन कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कड़ी सुरक्षा में सूबे के सभी विधायकों का दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ किया। जिसका विधिवत उद्घाटन उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, राज्यपाल अता हसनैन,मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ,उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी ,बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ प्रेम कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। वहीं मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उपराष्ट्रपति का पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया।प्रबोधन सत्र का विधिवत उद्घाटन करते हुए उपराष्ट्रपति क राधा कृष्ण ने कहा कि चुनाव जीतना लोकतंत्र की शुरुआत है, लेकिन जनता का विश्वास सेवा और सुशासन से कायम रहता है। उन्होंने बिहार को रोजगार का केंद्र बनाने,पलायन रोकने, सदन में मर्यादित संवाद बनाए रखने और दूसरों से 2047 के विकसित भारत में बिहार की महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का आह्वान किया। गया में आयोजित दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने जन्  प्रतिनिधियों को जन सेवा ,सुशासन और बिहार के समग्र विकास का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि चुनाव जीतना लोकतंत्र की पहली पीढ़ी है,लेकिन जनता का स्थानीय विश्वास केवल सेवा और संवेदनशील नेतृत्व से ही हासिल किया जा सकता है। उन्होंने बिहार से पलायन रोकने और राज्य को रोजगार का केंद्र बनाने का आह्वान भी किया। उन्होंने कहा कि बिहार का विकास ऐसा होना चाहिए कि यहां के युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में न जाना पड़े, बल्कि ऐसी स्थिति बने कि देश के अन्य हिस्सों के लोग रोजगार और अवसर की तलाश में बिहार आए। उन्होंने कहा कि जनता ने जनप्रतिनिधियों पर विश्वास जताया है और अब उनकी जिम्मेदारी विकास के माध्यम से उसे भरोसे को मजबूत करने की है। उन्होंने गया की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक विरासत को उल्लेख करते हुए कहा कि यही वह पावन भूमि है जहां राजकुमार सिद्धार्थ भगवान बुद्ध बने। इस धरती से जन प्रतिनिधियों को भी सेवा करना और समाज के प्रति समर्पण की प्रेरणा लेनी चाहिए ।उन्होंने कहा कि सत्ता का उपदेश शासन करना नहीं बल्कि जनता की सेवा करना है ।उपराष्ट्रपति ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर आपातकाल तक बिहार ने देश को दिशा देने का कार्य किया है।उन्होंने डॉ राजेंद्र प्रसाद ,लोकनायक जयप्रकाश नारायण और जननायक कर्पूरी ठाकुर जैसे महान नेताओं को उल्लेख करते हुए कहा कि बिहार ने देश को ऐसे व्यक्तित्व दिए जिन्होंने लोकतंत्र की नई ऊर्जा प्रदान की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मतभेद स्वाभाविक है ,लेकिन चुनाव समाप्त होने के बाद सभी जनप्रतिनिधियों का लक्ष्य केवल विकास होना चाहिए। सदन की कार्यवाही बाधित करना लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है। विधायक संवाद चर्चा और रचनात्मक बहस के जरिए जनता की समस्याओं को समाधान निकाले।

Comments

Popular posts from this blog

The Robotics and AI Innovation Lab was inaugurated at Carmel Girls' Inter College.

नशा मुक्त भारत अभियान के तहत एक परिचर्चा का आयोजन किया गया।

जो सिफत बाप में होती है कमोबेश वही सिफत औलाद में पाई जाती है - मुफ्ती अकरम