न्यायालय में गवाही नहीं देना पूर्व डीजीपी सहित अन्य को महंगा पड़ा,वारंट हुआ जारी।

शहाबुद्दीन अहमद
बेतिया, बिहार।
रामनगर थाना कांड संख्या 53/17 से जुड़े एक मामले में अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी,आलोक कुमार चतुर्वेदी की अदालत ने महत्वपूर्णआदेश पारित करते हुए बिहार के पूर्व डीजीपी,शिवमूर्ति राय तथा एकअन्य गवाह के विरुद्ध वारंट जारी किया है। अदालत में यह कार्रवाई गवाही के लिए बार-बार अवसर दिए जाने के बावजूद न्यायालय में उपस्थित नहीं होना कारण बताया गया है। अभियोजन पक्ष के अनुसार,संबंधित मामले में अभियुक्त न्यायिक अभिरक्षा में है,साथ ही मुकदमों के निष्पादन के लिए गवाहों का बयान आवश्यक है,गवाही नहीं होने से सुनवाईअब प्रभावित हो रही थी,इसी को देखते हुए न्यायालय ने दोनों गावाहों को उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए वारंट जारी करने का आदेश दिया,ताकि वह न्यायालय में उपस्थित होकरअपना बयान दर्ज करा सके। संवाददाता को इस बात की जानकारी, अपर लोक, अनीश डॉक्टर अनीश कुमार ने दी है। इस मामले मेंअभियुक्त रोहित कुमारश्रीवास्तव उर्फ सोनू पटकोली थाना क्षेत्र के नारायणपुर बगहा 2 के निवासी बताए गए हैं, उसके विरुद्ध वर्ष 2017 में रामनगर थाना कांड संख्या 53/17 दर्ज किया गया था उन्होंने बताया कि यह प्राथमिकी तत्कालीन शिकायतकर्ता एवं पूर्व डीजीपी,शिवमूर्ति राय द्वारा दर्ज कराई गई थी। मामले मेंभारतीय न्यायिक संहिता लागू होने से पहले ही भारतीय दंड संहिता आईपीसी की धारा 417 (छल)419 प्रतिरूपण कर धोखाधड़ी,तथा 420 धोखाधड़ी के तहत आरोप लगाया गया था,अब न्यायालय के द्वारा जारी वारंट के माध्यम से दोनों गवाहों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी, ताकि उनकी गवाही दर्ज होने के बाद मामले की सुनवाई आगे बढ़ सके। अदालत में स्पष्ट किया है कि न्यायिक प्रक्रिया को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रहने दिया जाएगा, विधि केअनुसारआगे की कार्रवाई की जाएगी।

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