गया में बढ़ा मच्छरों का प्रकोप, नगर निगम की उदासीनता पर उठे सवाल।

रिपोर्ट: विनोद विरोधी
गया(बिहार)। 
शहर के विभिन्न मुहल्लों में बरसात का मौसम शुरू होते ही मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ गया है। नगर के विभिन्न मोहल्लों, वार्डों और बाजार क्षेत्रों में शाम होते ही मच्छरों का आतंक इतना बढ़ जाता है कि लोगों का घरों में रहना मुश्किल हो गया है। अधिकांश परिवारों को रात में चैन की नींद लेने के लिए मच्छरदानी, कॉइल, लिक्विड वेपराइजर और अन्य उपायों का सहारा लेना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना मच्छर भगाने वाले साधनों के सोना लगभग असंभव हो गया है। रातभर मच्छरों की भनभनाहट से लोगों की नींद प्रभावित हो रही है। वहीं मच्छरों के बढ़ते प्रकोप से मलेरिया, डेंगू और अन्य मच्छरजनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। मानसून के दौरान मच्छरजनित रोगों की रोकथाम के लिए केंद्र और राज्य स्तर पर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। 
नागरिकों का आरोप है कि कई स्थानों पर जलजमाव, नालियों की नियमित सफाई नहीं होने तथा फॉगिंग अभियान के अभाव के कारण मच्छरों की संख्या लगातार बढ़ रही है। लोगों का कहना है कि नगर परिषद की ओर से प्रभावी फॉगिंग एवं एंटी-लार्वा छिड़काव नहीं किए जाने से समस्या गंभीर होती जा रही है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार बरसात के मौसम में जमा पानी मच्छरों के प्रजनन का प्रमुख कारण बनता है और इससे मलेरिया व डेंगू जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम गया जी नगरपालिका  एवं जिला प्रशासन से मांग की है कि तत्काल फॉगिंग अभियान चलाया जाए, नालियों की सफाई कराई जाए तथा जलजमाव वाले क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर मच्छरों के प्रजनन पर रोक लगाई जाए, ताकि शहर के लोगों को राहत मिल सके।
जिला प्रशासन एवं नगर निगम गया के लिए गंभीर जांच और जनस्वास्थ्य से जुड़ा विषय बन गया है।

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