पुलिस हिरासत में मौत का आरोप: रेवती-बलिया मार्ग पर शव रखकर प्रदर्शन, दरोगा समेत छह पर मुकदमा दर्ज।


ब्यूरो चीफ: किशन जायसवाल
रेवती (बलिया, उत्तर प्रदेश।
 रेवती थाना क्षेत्र के गायघाट गांव निवासी कामजी गोंड की पुलिस हिरासत के बाद उपचार के दौरान हुई मौत का मामला रविवार को तूल पकड़ गया। आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने शव को रेवती-बलिया मुख्य मार्ग पर रखकर प्रदर्शन किया और पुलिस पर हिरासत में बर्बर पिटाई का आरोप लगाया। करीब आधे घंटे तक चले सड़क जाम के दौरान मौके पर पहुंचे प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने परिजनों से वार्ता की। मृतक के पुत्र की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किए जाने तथा निष्पक्ष जांच का आश्वासन मिलने के बाद परिजन जाम समाप्त कर अंतिम संस्कार के लिए राजी हो गए।
जानकारी के अनुसार, 7 जुलाई को गायघाट स्थित खेदन चौराहे पर कामजी गोंड के पुत्र विशाल और सूरज कनौजिया के बीच किसी बात को लेकर विवाद एवं मारपीट हुई थी। इस मामले में सूरज पक्ष ने रेवती थाने में तहरीर दी थी। आरोप है कि 8 जुलाई को पुलिस विशाल की तलाश में उसके घर पहुंची। विशाल के घर पर नहीं मिलने पर पुलिस उसके पिता कामजी गोंड को पूछताछ के लिए थाने ले गई। परिजनों का आरोप है कि थाने के भीतर उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई, जिससे उनकी हालत गंभीर हो गई।
बताया गया कि तबीयत बिगड़ने पर उन्हें पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रेवती ले जाया गया। वहां से जिला अस्पताल बलिया और बाद में गंभीर हालत में बीएचयू ट्रॉमा सेंटर, वाराणसी रेफर किया गया, जहां 10 जुलाई की रात उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। शनिवार को वाराणसी में पोस्टमार्टम के बाद पुलिस की निगरानी में शव गांव लाया गया।
रविवार सुबह शव गांव पहुंचते ही परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने शव को रेवती-बलिया मुख्य मार्ग पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिससे यातायात बाधित हो गया। सूचना मिलते ही अपर पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी) संजय वर्मा, एसडीएम बांसडीह अभिषेक प्रियदर्शी, क्षेत्राधिकारी बैरिया आलोक कुमार गुप्ता सहित कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने परिजनों से वार्ता कर निष्पक्ष जांच और विधिक कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
इसके बाद मृतक के पुत्र विशाल की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। एफआईआर में दरोगा सचिन सरोज, कांस्टेबल अंकित सिंह, ग्राम प्रधान लालू, मनीष यादव सहित कुल छह लोगों को नामजद किया गया है। मनीष यादव पर मृतक को थाने ले जाने का भी आरोप लगाया गया है। मुकदमा दर्ज होने के बाद परिजनों ने धरना और जाम समाप्त कर दिया तथा अंतिम संस्कार किया।
परिजनों का आरोप है कि पुलिसकर्मियों के साथ कुछ स्थानीय लोगों ने भी कामजी गोंड की पिटाई की थी। उन्होंने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी, निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच, दोबारा पोस्टमार्टम कराने की अनुमति तथा पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दिए जाने की मांग की है।
वहीं एसडीएम बांसडीह अभिषेक प्रियदर्शी ने बताया कि दो पक्षों के बीच हुए विवाद के मामले में पूछताछ के लिए कामजी गोंड को थाने लाया गया था। बाद में उनकी तबीयत खराब होने पर उन्हें अस्पताल भेजा गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

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