बिहार में पेपरलेस डिजिटल रजिस्ट्री का मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया भव्य शुभारंभ।
मोहम्मद आसिफ अता
हाजीपुर, वैशाली, बिहार।
बिहार के लोगों के लिए एक ऐतिहासिक पहल करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वैशाली जिले के हाजीपुर स्थित जिला निबंधन कार्यालय से राज्य की आधुनिक पेपरलेस डिजिटल रजिस्ट्री प्रणाली (होम रजिस्ट्री डिजिटल सिस्टम) का शुभारंभ किया। इस अवसर पर चार नई डिजिटल सेवाओं की शुरुआत की गई, जिनमें होम रजिस्ट्री, भूमि से संबंधित ऑनलाइन सत्यापन, पेपरलेस रजिस्ट्री तथा जीआईएस (GIS) तकनीक आधारित लोकेशन निरीक्षण शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ नागरिकों के घर तक रजिस्ट्री की सुविधा पहुंचाने के लिए मोबाइल रजिस्ट्री यूनिट वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 83 वर्षीय अवधेश कुमार के घर पर डिजिटल रजिस्ट्री की प्रक्रिया का सीधा प्रदर्शन भी किया गया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग द्वारा तैयार की गई नई पेपरलेस रजिस्ट्री प्रणाली पर आधारित लघु फिल्म भी देखी और इसे डिजिटल बिहार की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि पहले यह सुविधा केवल 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के लोगों के लिए प्रस्तावित थी, लेकिन अब सरकार ने आयु सीमा घटाकर 75 वर्ष कर दी है, ताकि अधिक से अधिक वरिष्ठ नागरिक घर बैठे अपनी संपत्ति की रजिस्ट्री करा सकें। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य आम लोगों का जीवन आसान बनाना तथा सरकारी सेवाओं को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विकसित भारत के निर्माण के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने समृद्ध बिहार का संकल्प दिया था। राज्य सरकार उसी सोच को आगे बढ़ाते हुए डिजिटल गवर्नेंस और बेहतर जनसेवाओं पर विशेष ध्यान दे रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि नई डिजिटल रजिस्ट्री व्यवस्था के तहत भूमि की खरीद-बिक्री से पहले जीआईएस तकनीक और ऑनलाइन सत्यापन के माध्यम से जमीन की वास्तविक स्थिति की जांच की जाएगी। इससे फर्जीवाड़े और भूमि विवादों में कमी आएगी तथा खरीदारों के हित सुरक्षित रहेंगे। साथ ही रजिस्ट्री से संबंधित सभी दस्तावेज अब व्हाट्सऐप और ई-मेल के माध्यम से भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि निबंधन कार्यालयों में आने वाले लोगों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। साथ ही राज्य से बाहर रहने वाले लोगों को भी आवेदन के आधार पर डिजिटल रजिस्ट्री की सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि 15 जुलाई से राज्य के विभिन्न प्रखंडों में 213 नए डिग्री कॉलेज शुरू किए जाएंगे, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने यह भी बताया कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत प्रत्येक माह की 10 तारीख को लगभग एक करोड़ लाभार्थियों के बैंक खातों में 1100 रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से भेजी जा रही है।
इस कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन मंत्री मदन सहनी, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री संजय कुमार सिंह, जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा, हाजीपुर विधायक अवधेश सिंह, विधायक सिद्धार्थ पटेल, विधायक संजय सिंह, विधान परिषद सदस्य वंशीधर ब्रजवासी, जिलाधिकारी वर्षा सिंह, पुलिस अधीक्षक शुभांक मिश्रा सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
इससे पूर्व मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का हेलीकॉप्टर जैसे ही हाजीपुर पहुंचा, लोगों में उत्साह की लहर दौड़ गई। दोपहर 1:38 बजे उनका हेलीकॉप्टर अक्षयवट राय स्टेडियम में उतरा, जहां उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया तथा पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया।
उल्लेखनीय है कि खराब मौसम के बावजूद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी हेलीकॉप्टर से हाजीपुर पहुंचे। मुख्यमंत्री बनने के बाद यह उनका हाजीपुर का पहला दौरा था, जहां उन्होंने वैशाली की ऐतिहासिक धरती से बिहार की जनता को डिजिटल रजिस्ट्री प्रणाली के रूप में एक महत्वपूर्ण सौगात दी।
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