विश्व धरोहर नगरी बोधगया में जाम और अतिक्रमण से यात्री परेशान।

विनोद विरोधी 
बोधगया (गया, बिहार)। 
भगवान बुद्ध की ज्ञानस्थली एवं विश्व धरोहर नगरी बोधगया में इन दिनों जाम, अतिक्रमण और गंदगी की समस्या गंभीर रूप लेती जा रही है। गांधी चौक से लेकर बरमी विहार, निरंजना नदी क्षेत्र, मौसा मोड़ तथा अन्य प्रमुख सड़कों पर अतिक्रमण और सड़क किनारे लगी दुकानों के कारण देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क के दोनों किनारों पर अस्थायी दुकानों के फैलाव से सड़कें संकरी हो गई हैं, जिससे दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। पैदल चलने वाले यात्रियों, महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को विशेष परेशानी हो रही है। बोधगया और गया क्षेत्र में यातायात जाम तथा अतिक्रमण की समस्या को लेकर प्रशासनिक स्तर पर भी समय-समय पर चिंता व्यक्त की जाती रही है। 
गांधी चौक स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के आसपास भी कूड़ा-कचरा फेंके जाने से गंदगी का माहौल बना रहता है। स्थानीय नागरिकों ने प्रतिमा स्थल की नियमित सफाई तथा सौंदर्यीकरण की मांग की है।
इसके अलावा कुछ स्थानों पर छोटे बच्चों से भीख मंगवाने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। नागरिकों ने प्रशासन से इसकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।
बोधगया आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और विदेशी पर्यटकों की सुविधा को देखते हुए लोगों ने जिला प्रशासन, नगर परिषद एवं पुलिस प्रशासन से अतिक्रमण हटाने, यातायात व्यवस्था सुधारने, गंदगी दूर करने तथा भीख मांगने वाले बच्चों के पुनर्वास और जांच की मांग की है। हाल के वर्षों में प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने के अभियान भी चलाए गए हैं, लेकिन समस्या पूरी तरह समाप्त नहीं हो सकी है। 
मांगें।
गांधी चौक एवं प्रमुख मार्गों से अतिक्रमण हटाया जाए।
सड़क किनारे अवैध रूप से लगने वाली दुकानों को व्यवस्थित किया जाए।
गांधी प्रतिमा स्थल की नियमित सफाई कराई जाए।
भीख मांगने वाले बच्चों की स्थिति की जांच कर उचित कार्रवाई की जाए।
पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए सुगम यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
**नमो बुद्धाय।**

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