जमुई में ग्रामीण प्रशिक्षण शिविर संपन्न, बाल श्रम उन्मूलन के लिए सभी ने ली सामूहिक शपथ।।
जमुई बिहार।
श्रम संसाधन विभाग, बिहार के दिशा निर्देश के आलोक में आज सोनपे स्थित संयुक्त श्रम भवन में एक दिवसीय ग्रामीण प्रशिक्षण शिविर का गरिमामय आयोजन किया गया। श्रम अधीक्षक श्री सुनील कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इस शिविर का मुख्य उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और समाज से बाल श्रम जैसी कुप्रथा को समाप्त करना था। इस प्रशिक्षण शिविर की एक विशेष बात यह रही कि इसमें भाग लेने वाले प्रत्येक पंचायत के श्रमिकों को उनके समय और सहयोग के लिए एक दिन की मजदूरी के साथ-साथ मार्गव्यय का भी भुगतान किया गया।
शिविर को संबोधित करते हुए श्रम अधीक्षक और विभिन्न प्रखंडों से आए श्रम प्रवर्तन पदाधिकारियों ने विभिन्न श्रम अधिनियमों पर विस्तार से प्रकाश डाला। अधिकारियों ने उपस्थित श्रमिकों को बाल श्रम कानून, बंधुआ मजदूरी उन्मूलन अधिनियम और सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी अधिनियम के विभिन्न तकनीकी व व्यावहारिक प्रावधानों से अवगत कराया। इसके साथ ही, मंच पर मौजूद वक्ताओं ने असंगठित क्षेत्र के कामगारों और विशेष रूप से रोजी-रोटी के लिए बाहर जाने वाले प्रवासी मजदूरों के कल्याण के लिए विभाग द्वारा चलाई जा रही विभिन्न महत्वाकांक्षी योजनाओं और सहायता कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी, ताकि श्रमिक वर्ग इनका पूरा लाभ उठा सके।
इस अवसर पर शिविर में उपस्थित सभी अधिकारियों, अतिथियों और श्रमिकों ने बाल श्रम को समाज के माथे पर एक कलंक मानते हुए बच्चों से किसी भी प्रकार का काम न लेने और इस सामाजिक कुप्रथा को जड़ से मिटाने का सामूहिक संकल्प लिया। उपस्थित जनसमूह ने पूरी एकजुटता के साथ इस बुराई के खिलाफ खड़े होने की शपथ ली।
इस गरिमामय कार्यक्रम में जिला नियोजन पदाधिकारी (जमुई), विभिन्न प्रखंडों के श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी तथा श्रम विभाग के विशेष लोक अभियोजक श्री शिवदास पंडित ने अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई। वहीं बाल कल्याण समिति के सदस्य श्री महेश चौधरी, चाइल्ड लाइन जमुई से श्री प्रवीण कुमार, नीति आयोग के प्रतिनिधि श्री भारत कुमार पाठक, NGO तटवासी समाज न्यास के श्री रजनी कुमार सिंह और NGO समग्र सेवा के श्री मकेश्वर रावत सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी उपस्थित रहकर श्रमिकों का मार्गदर्शन किया और कार्यक्रम को सफल बनाया।
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