शिक्षक पर गंभीर आरोप के बाद प्रदर्शन; देर शाम निलंबन की कार्रवाई।

सिकंदरपुर में विद्यालय परिसर में हंगामा। 
ब्यूरो चीफ़: किशन जायसवाल
सिकंदरपुर (बलिया)उत्तर प्रदेश। 
सिकंदरपुर तहसील क्षेत्र के डकिंगज स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय एवं प्राथमिक विद्यालय परिसर में मंगलवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई, जब एक सहायक शिक्षक पर लगे गंभीर आरोपों को लेकर ग्रामीणों, अभिभावकों और स्कूली बच्चों का आक्रोश फूट पड़ा। बड़ी संख्या में लोग विद्यालय परिसर के बाहर एकत्र हो गए और संबंधित शिक्षक के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाकर स्थिति को नियंत्रित किया। एहतियात के तौर पर संबंधित शिक्षक को पूछताछ के लिए थाने ले जाया गया। घटना के बाद विद्यालय परिसर और आसपास के क्षेत्र में काफी देर तक तनाव का माहौल बना रहा।
ग्रामीणों का कहना है कि अध्यापक द्वारा छात्रा के साथ छेड़ की घटना हुई है। विद्यालय बच्चों के सुरक्षित भविष्य, शिक्षा और संस्कार का केंद्र होता है। यदि ऐसे स्थान से इस प्रकार की शिकायतें सामने आती हैं तो अभिभावकों का विश्वास डगमगा जाता है। प्रदर्शनकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषी पाए जाने पर कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाने की मांग की।
खंड शिक्षा अधिकारी सुनील कुमार चौबे ने बताया कि मामले की जानकारी मिलते ही शिक्षा विभाग ने तत्काल संज्ञान लिया। संबंधित शिक्षक, पूर्व माध्यमिक विद्यालय डकिंगज में कार्यरत सहायक शिक्षक अच्छेलाल यादव के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
देर शाम उच्च अधिकारियों द्वारा संबंधित शिक्षक को निलंबित कर दिया गया। विभाग का कहना है कि जांच निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से कराई जाएगी और तथ्यों के आधार पर आगे का निर्णय लिया जाएगा।
गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से सिकंदरपुर तहसील क्षेत्र और आसपास के इलाकों में शिक्षकों पर लगे गंभीर आरोप चर्चा का विषय बने हुए हैं। नवानगर ब्लॉक क्षेत्र में दो शिक्षक पहले ही गंभीर मामलों में जेल भेजे जा चुके हैं, जबकि पंदह क्षेत्र में भी एक शिक्षक के विरुद्ध कार्रवाई हो चुकी है। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं से अभिभावकों में चिंता बढ़ी है और शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
हालांकि, वर्तमान मामले में पुलिस और शिक्षा विभाग दोनों स्तरों पर जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे प्रकरण की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल वायरल वीडियो और ग्रामीणों के प्रदर्शन की पूरे क्षेत्र में व्यापक चर्चा है।
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने की मांग करते हुए कहा कि बेटियों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता। उनका कहना था कि निष्पक्ष जांच, त्वरित न्याय और दोषी के विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई ही समाज का विश्वास बनाए रख सकती है।

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