गोरखपुर सर्राफा बाजार के 'भीष्म पितामह' और वरिष्ठ समाजसेवी बालकृष्ण सराफ निधन।

भारत समाचार न्यूज एजेंसी 
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।
शोक संदेश एवं श्रद्धांजलि गोरखपुर सर्राफा बाजार के 'भीष्म पितामह' और वरिष्ठ समाजसेवी बालकृष्ण सराफ का बैकुंठवास, शोक की लहर102 वर्ष की आयु में लिया अंतिम सांस, छोटे व्यापारियों के सुख-दुख के सच्चे साथी थे 'बाबू जी'हरिप्रसाद गोपीकृष्ण ज्वेलर्स के संस्थापक और विश्व हिंदू परिषद व बजरंग दल के पूर्व विभाग अध्यक्ष के निधन से राष्ट्रभक्ति और व्यापार जगत को अपूरणीय क्षति गोरखपुर। महायोगी गोरखनाथ की पवित्र नगरी और गोरखपुर सर्राफा मंडी के पुरोधा, 'हरिप्रसाद गोपीकृष्ण ज्वेलर्स' (एस्परा कंपनी) के संस्थापक आदरणीय श्री बालकृष्ण सराफ जी का लगभग 102 वर्ष की गौरवशाली आयु में बैकुंठवास हो गया है।उनके निधन की खबर से पूरे गोरखपुर के व्यापार जगत, सामाजिक संगठनों और आम जनमानस में शोक की गहरी लहर दौड़ गई है।श्री बालकृष्ण सराफ जी केवल एक सफल उद्योगपति नहीं, बल्कि गोरखपुर बाजार के एक ऐसे संरक्षक थे जिन्होंने हमेशा छोटे से छोटे दुकानदारों और व्यापारियों की चिंता की।उनके सुख-दुख में ढाल बनकर खड़े रहना बाबूजी की दिनचर्या का हिस्सा था। बाजार का हर छोटा व्यापारी उन्हें अपने परिवार का मुखिया मानता था।व्यापार के साथ-साथ उनका पूरा जीवन राष्ट्र सेवा और सनातन धर्म के लिए समर्पित रहा।वे विश्व हिंदू परिषद (विप) और बजरंग दल के पूर्व विभाग अध्यक्ष जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण दायित्वों पर रहे।गोरखपुर में राम जन्मभूमि आंदोलन से लेकर सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की अलख जगाने में उनकी भूमिका सदैव स्मरणीय रहेगी।तमाम सामाजिक संगठनों के माध्यम से समाज सेवा के क्षेत्र में वे हमेशा अग्रिम पंक्ति में खड़े दिखाई देते थे।उनका जाना गोरखपुर के लिए एक युग का अंत है।प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोक संतप्त परिजनों व पूरे व्यापार जगत को इस अपार दुख को सहने की शक्ति प्रदान करें।"एक युग का अंत: शत-शत नमन एवं विनम्र श्रद्धांजलि!"शोक विह्वल:सुशील अग्रहरी 'बबलू'महामंत्री - अग्रहरी समाज पूर्व कार्य समिति सदस्य - भारतीय जनता पार्टी, गोरखपुर

Comments

Popular posts from this blog

The Robotics and AI Innovation Lab was inaugurated at Carmel Girls' Inter College.

नशा मुक्त भारत अभियान के तहत एक परिचर्चा का आयोजन किया गया।

जो सिफत बाप में होती है कमोबेश वही सिफत औलाद में पाई जाती है - मुफ्ती अकरम