मदरसा शिक्षा बोर्ड केअध्यक्ष सलीम परवेज के द्वारा किया गया प्रेस कॉन्फ्रेंस विफल।
बेतिया, बिहार।
स्थानीयअतिथिगृह में,बिहार सरकार के मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष,सलीम परवेज का प्रेसकॉन्फ्रेंस काआयोजन किया गया,इस प्रेसवार्ता में पत्रकारों के द्वारा पूछे गए प्रश्नों का जवाब सही ढंग से नहीं मिल सका,पत्रकारों के द्वारा पूछे गए प्रश्न के जवाब देने सेआनाकानी तो नहीं की,मगर सही,संतोषप्रद उत्तर देने में झिझकते रहे।जिला में निरीक्षण के लिएआए बिहार मदरसा शिक्षा बोर्ड केअध्यक्ष के द्वारा यतीमखाना बदरिया बेतिया का किए गए निरीक्षण कार्यों का तसल्लीबख्श जवाब नहीं दे सके,उन्होंने कहां-कहां निरीक्षण किया, उसमें क्या कमी पाया,इसका भी जिक्र पूर्ण विवरणी के साथ नहीं कर सके,केवल खानापूर्ति करते रहे।प्रेसवार्ता में भी समय नहीं दे पाए। अपने चहेतों,सगे संबंधी इष्टमित्र के द्वारा घिरे रहे,पप्पू खान नामक एक व्यक्ति जो उनके बगल में बैठे हुए थे, पत्रकारों के द्वारा जब सवाल पूछे जा रहे थे तो उनको बेचैनी छा रही थी,इसलिए उन्होंने मदरसा शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष,सलीम परवेज से बिना पूछे ही जल्दी करके प्रेसवार्ता को खत्म करा दिया,जबकिअध्यक्ष के द्वारा स्वीकृत नहीं दी गई थी,यह विशिष्ट व्यक्ति उनके सभी कार्यक्रम पर छाए रहे,इनको चारों तरफ से घेरे रहे। मदरसा बोर्ड केअध्यक्ष, सलीम परवेज नेअपने चंपारण यात्रा को नाममात्र कर दिखाया।शिक्षा के क्षेत्र में मदरसा काआधुनिकीकरण, मदरसा का इंफ्रास्ट्रक्चर, मदरसा शिक्षकों काभुगतान,
मदरसा में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा
देने की बात नहीं बता सके। मदरसा शिक्षकों की बहुत पुरानी मांग को भी पूरा करने के संबंध में कोई खास आश्वासन नहीं दिया।इनका यह पश्चिमी चंपारण का दौरा नाम मात्र रहा।इनके द्वारा मदरसा शिक्षकों,मदरसों को कायाकल्प करने साथ ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने, आधुनिक शिक्षा से लैस करने
इत्यादिअनेक समस्याओं पर भी कोई खास जवाब नहीं दिये।बिहार सरकार के द्वारा जिला के मदरसों को कितनी राशि विकास हेतु खर्च करने के लिएआवंटित की गई है, इसका भी पूर्ण विवरणी नहीं दे सके,ना ही कमी को दूर करने के लिए कोई सुझाव, सुधार का रास्ता नहीं बताया मदरसा शिक्षा बोर्ड केअध्यक्ष के द्वारा पश्चिमी चंपारण का दौरा एक तरह से देखा जाए तो सफल नहीं हो सका। केवल इनके द्वारा खानापूर्ति की गई।बेतिया के सर्किट हाउस में बैठकर पत्रकारों के साथ जो वार्ता करनी चाहिए थी,उन्होंने नहीं किया, पत्रकारों के द्वारा पूछे गए सवालों का विस्तृत रूप से, संतोषप्रद जवाब नहीं दे सके,केवल उलझे सुलझे बातों में उलझा कर रह गए मात्र 5 मिनट का समय ही दिए,जबकि जिला में मदरसों से संबंधित कई प्रश्न और पूछे जाने बाकी रह गए। मगरअपने चहेतो,सगे संबंधियों,इष्टमित्र के बीच ही घिर कर रह गए।जिला हेडक्वार्टर घूमने,बाल्मीकि नगर घूमने के लिए ही शायदआए थे,जिला में मात्र 2 घंटा ही रह सके। घूमने,भोजन वगैरह करने में व्यस्त रहे।जिला में एक घंटा रहने के बाद खाने पीने की पूर्ण व्यवस्था के साथ भोजन करके बाल्मीकिनगर के लिए निकल गये,जहां रात्रि विश्राम करने का इरादा जताया।इस तरह इनके द्वारा सरकारी वाहन,राशि का दुरुपयोग किया गया।इस प्रेसवार्ता की खास बात यह रही कि पत्रकार,शहाबुद्दीनअहमद ने,अध्यक्ष से यह पुरजोर मांग की कि इस वर्ष होने वाले फोकानिया परीक्षा 2026 का परीक्षा केंद्र,लड़कियों का यतीमखाना बदरिया बेतिया में ही रख जाए,क्योंकि यह केंद्र फोकानिया परीक्षा देने वाली लड़कियों के लिए पूरी तरह सुरक्षित है,साथ ही कई सुसज्जित कमरे में बैठने की व्यवस्था है।इसकेअलावा पत्रकार,शहाबुद्दीनअहमद ने मदरसा शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष,सलीम परवेज से मौखिक और लिखित मांग की कि जिला के जिन
सरकारी विद्यालयों में फोकानिया परीक्षा का केंद्र दिया जाता है,वहां परीक्षा देने वाले लड़के,लड़कियों के साथ कई तरह की कठिनाइयां सामने आती हैं।सरकारी स्कूल में परीक्षा केंद्र पड़ने से वहां पर ड्यूटी पर तैनात शिक्षक जो वीक्षक के रूप में कार्य करते हैं,उनके द्वारा प्रश्न को गाइड करने समझने या बताने में बहुत कठिनाइयां होती हैं,क्योंकि वह उर्दू की जानकार नहीं होते हैं,पत्रकार के द्वारा यह भी मांग की गई कि फोकानिया परीक्षा के समय सरकारी विद्यालयों में शिक्षक के रूप में उर्दू शिक्षकों का ही ड्यूटी लगाई जाए। इस मांग पर उन्होंने हामी भरते हुए आश्वासन दिया कि ऐसा किया जा सकता है।
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