न्यायालय ने तीन पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध वेतन पर लगई रोक।

शहाबुद्दीन अहमद 
बेतिया, बिहार।
जिला एवंअपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ,मानवेंद्र मिश्र कीअदालत ने बार बार निर्देश देने के बावजूद लंबित मामलों की केस डायरी प्रस्तुत नहीं किए जाने को गंभीर लापरवाही मानते हुए,बगहा पुलिस जिला के तीन पुलिस अधिकारियों के वेतन पर रोक लगाने काआदेश दिया है।न्यायालय के इस सख्त रवैया से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। न्यायालय ने अपने आदेश में पुलिसअधीक्षक बगहा को निर्देश दिया है कि संबंधित तीनों पुलिस पदाधिकारी का जीवन निर्वाह भत्ता को छोड़कर शेष वेतन तत्काल प्रभाव से रोक दिया जाए,यह आदेश तब तक प्रभावी  रहेगा जब तक संबंधित मामलों की केसडायरी न्यायालय में प्रस्तुत कर कार्यालय केआदेश का पूर्णअनुपालन नहीं कर दिया जाता।संवाददाता को न्यायालय सूत्रों से मिली जानकारी केअनुसार,जिन आपराधिक मामलों में सुनवाई न्यायालय में चल रही है,उनमें केसडायरी प्रस्तुत करने के लिए कई बार निर्देश दिए गए थे, इसके बावजूद भी संबंधित अनुसंधानकर्ता,और थाना स्तर सेआवश्यक अभिलेख को समय पर उपलब्ध नहीं कराए गए,इसके कारण मामलों की सुनवाई भी प्रभावित हो रही थी,वह न्यायिक प्रक्रिया में भी अनावश्यक विलंब उत्पन्न हो रहा था।वेतन रोकने की कार्रवाई के जद में,ठकराहा  थानाअध्यक्ष केअलावा रामनगर थाना के दो अनुसंधानकर्ता शामिल है। न्यायालय नेअपनेआदेश में कहा है कि न्यायालय के निर्देश को लगातार अनदेखी करना गंभीर प्रशासनिक लापरवाही है। जिसे किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता,अदालत ने स्पष्ट आदेश दिया है कि न्यायिक प्रक्रिया को बाधित करने वाले ऐसे मामलों में सख्ती होगी।

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