विद्यालयों के रनिंग स्कूल वाहनों की फिटनेस की जांच होना जरूरी:--ड़ीटीओ
बेतिया, बिहार।
स्कूली वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च व्यस्था देना जरूरी है। विद्यालय परिवहन वाहनों से संबंधित सभीआवश्यक दस्तावेजों, पंजीकरण प्रमाणपत्र, फिटनेस प्रमाणपत्र,बीमा, परमिट,प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र,चालक के वैध ड्राइविंग लाइसेंस की नियमित जांच होनी चाहिए। स्कूल वाहनों के संचालन की निगरानी,निर्धारित नियमों का पालन होना चाहिए। बस स्टॉप चिन्हित करने,स्कूल के बच्चों के उनके घर तक उन्हें सुरक्षित पहुंचने में विशेष ध्यान देना चाइये।आरटीओ को जिला प्रशासन,स्कूल प्रबंधन से जिले की सभी स्कूल बसों का फिटनेस टेस्ट अवश्य शत-प्रतिशत होना चाहिए। बिना फिटनेस प्रमाण पत्र के कोई भी स्कूल बस सड़क पर नहीं चलनी चाहिए। सभी विद्यालयों को एक सप्ताह केअंदरअपने वाहनों का फिटनेस परीक्षण हर हाल में कराने के निर्देश, जिला परिवहन पदाधिकारी ने दिया है। निर्धारित समय सीमा के बाद जिन विद्यालयों के बसों का फिटनेस टेस्ट नहीं कराया जाएगा,उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई होगी। सभी स्कूल बस चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस का सत्यापन प्रत्येक माह होगी। इसकेअलावा उनका स्वास्थ्य एवं नेत्र परीक्षण अनिवार्य रूप से होगा। वर्ष में एक बार स्कूल बस चालकों के स्वास्थ्य एवं नेत्र परीक्षण शिविर काआयोजन किया जायेगा।प्रत्येक चालक का पुलिस सत्यापन भी सुनिश्चित किया जायेगा।राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों का कड़ाई से पालन करना होगा। बच्चों की सुरक्षा के मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।स्कूल वाहन चालकों को मादक पदार्थों,नशीले पदार्थ,शराब का सेवन वर्जित रहेगा,पकड़े जाने पर विद्यालय से निकाल दिया जाएगा।स्कूल वाहन चालकों पर पैनी नजर रखनी होगी।बच्चों की सुरक्षा,उनकी जान की गारंटी स्कूल वाहन चालकों के जिम्मे रहती है।
15 साल सेअधिक सड़क पर चल रहे पुराने,जर्जर,टूटे फटे वाहनों को बंद कर देना होगा स्कूल वाहनों को नियमित तौर परअपडेट रखना होगा सभीआवश्यक सामानों का रखरखाव सुव्यवस्थित रखनी होगी,इसमें किसी प्रकार की लापरवाही,कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी
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