पूर्वांचल के लिए बेहतर रेल संपर्क की मांग, गोरखपुर–दिल्ली वंदे भारत और बिल्थरा रोड पर अहमदाबाद एक्सप्रेस के ठहराव का प्रस्ताव।

ब्यूरो चीफ़ किशन जायसवाल 
बिल्थरा रोड (बलिया)उत्तर प्रदेश।
पूर्वांचल में रेल संपर्क को सुदृढ़ करने की मांग के बीच बिल्थरा रोड के पूर्व सभासद सुनील कुमार 'टिंकू' ने गोरखपुर से नई दिल्ली के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस के संचालन तथा गोरखपुर–अहमदाबाद एक्सप्रेस (19490) के बिल्थरा रोड रेलवे स्टेशन पर ठहराव की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में वह केंद्रीय रेल मंत्री को ज्ञापन भेजेंगे और वाराणसी मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) आशीष जैन को उनके प्रस्तावित दौरे के दौरान मांग पत्र सौंपेंगे।
सुनील कुमार ने कहा कि बलिया के बिल्थरा रोड और आसपास के जिलों के यात्रियों के लिए दिल्ली की सीधी और तेज रेल सेवाएं अभी भी सीमित हैं। उनके अनुसार, बड़ी संख्या में यात्रियों को बेहतर ट्रेनों के लिए वाराणसी अथवा अन्य प्रमुख स्टेशनों तक जाना पड़ता है, जिससे यात्रा का समय और अतिरिक्त खर्च दोनों बढ़ जाते हैं।
उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न रेल मार्गों पर वंदे भारत एक्सप्रेस का विस्तार हुआ है, लेकिन गोरखपुर–बिल्थरा रोड–नई दिल्ली कॉरिडोर पर ऐसी सेवा उपलब्ध नहीं है। उनका कहना है कि इस मार्ग पर सेमी हाई-स्पीड ट्रेन शुरू होने से व्यापार, शिक्षा, रोजगार और चिकित्सा संबंधी यात्राओं के लिए आवागमन अधिक सुगम हो सकता है। ताकि कम समय में लोग दिल्ली पहुंच सके।
पूर्व सभासद ने बिल्थरा रोड रेलवे स्टेशन को पूर्वोत्तर रेलवे के महत्वपूर्ण राजस्व अर्जित करने वाले स्टेशनों में शामिल बताते हुए कहा कि इसके बावजूद कई लंबी दूरी की ट्रेनों का यहां ठहराव नहीं है। उन्होंने विशेष रूप से गोरखपुर–अहमदाबाद एक्सप्रेस (19490) के ठहराव की मांग करते हुए कहा कि इससे पूर्वांचल के यात्रियों को पश्चिम भारत के लिए बेहतर रेल संपर्क मिलेगा और स्टेशन की उपयोगिता भी बढ़ेगी।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों की ओर से लंबे समय से बेहतर रेल सुविधाओं की मांग की जा रही है और उम्मीद है कि रेलवे प्रशासन यात्रियों की बढ़ती आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इन प्रस्तावों पर विचार करेगा। यह ट्रेनों के मिलने से क्षेत्र के लोगों को राहत मिलेगी

Comments

Popular posts from this blog

The Robotics and AI Innovation Lab was inaugurated at Carmel Girls' Inter College.

नशा मुक्त भारत अभियान के तहत एक परिचर्चा का आयोजन किया गया।

जो सिफत बाप में होती है कमोबेश वही सिफत औलाद में पाई जाती है - मुफ्ती अकरम