बच्चों की मासिक काउंसलिंग में अच्छी परवरिश पर दिया गया जोर।

सैय्यद फरहान अहमद 
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।
जेएआई एकेडमी गोरखनाथ में बच्चों की मासिक काउंसलिंग के मौके पर बच्चों को उनकी दीनी व अखलाकी परवरिश पर विशेष मार्गदर्शन दिया गया। वरिष्ठ शिक्षक मुहम्मद आजम ने कहा कि इस्लाम में औलाद अल्लाह तआला की एक बड़ी नेमत और अमानत है। इसलिए हर मां-बाप की जिम्मेदारी है कि वे अपनी औलाद की ऐसी परवरिश करें, जिससे वह नेक, बाअमल और समाज के लिए फायदेमंद इंसान बन सके।
काउंसलिंग के दौरान मुहम्मद अनस ने बच्चों को पांच वक्त की नमाज की पाबंदी, कुरआन-ए-करीम की तिलावत, सच बोलने, वालिदैन की फरमाबरदारी, उस्ताद का एहतराम, सफाई, अच्छे अखलाक, सब्र, शुक्र और आपसी मोहब्बत की तालीम दी। उन्हें यह भी समझाया कि झूठ, गाली-गलौज, बदअखलाकी, नाफरमानी और बुरी संगत से हर हाल में बचना चाहिए। वरिष्ठ शिक्षक अली अहमद ने कहा कि बच्चों की तरबियत केवल तालीम तक सीमित नहीं, बल्कि उनके ईमान, अखलाक और किरदार की इस्लामी बुनियाद को मजबूत करना भी उतना ही जरूरी है। 
वरिष्ठ शिक्षक आसिफ महमूद ने वालिदैन से अपील की कि वे अपने बच्चों के लिए खुद भी अच्छा नमूना बनें और घर का माहौल दीनदार, मोहब्बत भरा और इस्लामी तालीम के अनुकूल रखें। अंत में बच्चों ने नेक अखलाक अपनाने, दीन की तालीम पर अमल करने और अपने किरदार को इस्लामी उसूलों के मुताबिक संवारने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में आयशा खातून, शीरीन आसिफ, आयशा आबिद, तानिया अख्तर, नाजिया, हस्सान, यासफीन, इबा, जोया, हादी, अब्दुस्समद सहित तमाम बच्चे मौजूद रहे।

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