राशिन स्कूल में किशोर स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम, बरसाती बीमारियों व सर्वाइकल कैंसर से बचाव की दी जानकारी।

करुणाकर राम त्रिपाठी 
परतावल, महराजगंज,उत्तर प्रदेश।
परतावल चौक स्थित राशिन स्कूल में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) परतावल की स्वास्थ्य टीम द्वारा किशोर-किशोरियों के लिए स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बरसात के मौसम में होने वाली बीमारियों, संतुलित पोषण तथा सर्वाइकल कैंसर से बचाव के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. अनिल जायसवाल ने बताया कि बरसात के मौसम में डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया जैसे मच्छरजनित रोग तथा दूषित पानी से टाइफाइड, पीलिया और डायरिया जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने इन बीमारियों के लक्षण, बचाव और स्वच्छता अपनाने के उपायों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
डॉ. जायसवाल ने किशोरियों में होने वाले सर्वाइकल कैंसर के प्रति भी जागरूक करते हुए बताया कि यह मुख्यतः HPV-16 और HPV-18 वायरस के संक्रमण से होता है। इसके बचाव के लिए सरकार द्वारा 12 से 18 वर्ष की किशोरियों के लिए एचपीवी (HPV) वैक्सीनेशन नि:शुल्क कराया जा रहा है। पहले चरण में 14 से 15 वर्ष की किशोरियों को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने बताया कि यह सिंगल डोज वैक्सीन है, जो सर्वाइकल कैंसर से 90 प्रतिशत से अधिक सुरक्षा प्रदान करती है।
कार्यक्रम में ब्लॉक किशोर स्वास्थ्य काउंसलर अनिरुद्ध गुप्ता ने किशोर-किशोरियों को बढ़ती उम्र में संतुलित एवं पौष्टिक आहार लेने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि इस आयु में शरीर के तीव्र विकास के कारण पर्याप्त ऊर्जा और पोषण की आवश्यकता होती है। उन्होंने दैनिक भोजन में कार्बोहाइड्रेट, हरी सब्जियां एवं फल, दाल-दूध तथा वसा युक्त खाद्य पदार्थों का संतुलित सेवन करने की सलाह दी।
उन्होंने किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम की मासिक थीम परिवार नियोजन पर भी जानकारी देते हुए स्थायी एवं अस्थायी परिवार नियोजन साधनों के बारे में बताया और कहा कि इनके सही उपयोग से कई स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव के साथ परिवार नियोजन में भी सहायता मिलती है।
कार्यक्रम में विद्यालय के प्रबंधक, शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

Comments

Popular posts from this blog

The Robotics and AI Innovation Lab was inaugurated at Carmel Girls' Inter College.

नशा मुक्त भारत अभियान के तहत एक परिचर्चा का आयोजन किया गया।

जो सिफत बाप में होती है कमोबेश वही सिफत औलाद में पाई जाती है - मुफ्ती अकरम