कार्यों में लापरवाही पर दो ग्राम पंचायत सचिवों पर गिरी गाज, एक निलंबित, दूसरे के खिलाफ विभागीय जांच।


ब्यूरो चीफ़: किशन जायसवाल
बलिया, उत्तर प्रदेश।
 जनहित योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही, वित्तीय अनियमितता एवं शासन के निर्देशों की अनदेखी को गंभीरता से लेते हुए जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) आनंद प्रकाश ने दो ग्राम पंचायत सचिवों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की है। एक सचिव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि दूसरे सचिव के विरुद्ध विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
जानकारी के अनुसार रसड़ा विकास खंड के खिरौली ग्राम पंचायत में तैनात ग्राम पंचायत सचिव राजभूषण प्रसाद को निलंबित कर दिया गया है। आरोप है कि जिलाधिकारी के स्पष्ट निर्देश के बावजूद ग्राम पंचायत में सीसीटीवी कैमरे स्थापित नहीं कराए गए। इसके अलावा खंड विकास अधिकारी रसड़ा द्वारा की गई जांच में शौचालयों का हैंडओवर नहीं पाया गया तथा अमृत सरोवर योजना के तहत कराए गए कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं मिले। जांच में यह भी सामने आया कि हैंडपंप मरम्मत का कार्य फर्जी तरीके से दर्शाया गया था। विभिन्न विकास कार्यों से संबंधित बिल एवं बाउचर भी त्रुटिपूर्ण पाए गए, जिसके आधार पर निलंबन की कार्रवाई की गई।
वहीं, खड़सरा ग्राम पंचायत में तैनात ग्राम पंचायत सचिव अविनाश सिंह के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की गई है। आरोप है कि निर्माण कार्यों से संबंधित बिल एवं बाउचर ग्राम्य स्वराज पोर्टल पर अधूरे एवं त्रुटिपूर्ण ढंग से अपलोड किए गए। साथ ही वित्तीय अनियमितता और शासन द्वारा निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया गया।
जिला विकास अधिकारी आनंद प्रकाश ने अविनाश सिंह के मामले की जांच की जिम्मेदारी खंड विकास अधिकारी सोहांव श्रवण प्रसाद को सौंपी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास योजनाओं के संचालन में लापरवाही, अनियमितता अथवा शासन के निर्देशों की अनदेखी किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध आगे भी नियमानुसार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

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