9 साल बाद पति-पत्नी का हुआ मिलन,छलकेआंसू।

शहाबुद्दीन अहमद
बेतिया, बिहार।
पति-पत्नी का वियोग के बाद मिलन होने से खुशी केआंसू छलक ही जाते हैं, दोनों एक दूसरे से चिपक कर भावविहोर हो गए।
इस घटना के बारे में संवाददाता को पता चला है कि पत्नी,सुषमा वर्ष 2017 से हीअचानक गायब हो गई थी,वीडियो कॉल से उसकी पहचान हुई।इसमें सक्रिय भूमिका वन स्टॉप सेंटर बेतिया की रही। घटना के बारे में संवाददाता को पता चला है कि 9 साल पहले जिम सुषमा के लौटने की उम्मीद परिवार में लगभग छोड़ दी थी वह अचानक अपने सामने आते ही पति मनोज गिरी और सुषमा की आंखें छलक पड़ी वह भाव पाल सखी वन स्टॉप सेंटर बेतिया में देखने को मिली यहां सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद सुषमा को उनके पति के सुपरहिट कर दिया गया उपसमाहर्ता सा नोडल पदाधिकारी योजना माधुरी को की मौजूदगी में पूर्ण मिलन की प्रक्रिया पूरी हुई।केंद्र प्रशासक,रश्मि कुमारी ने संवाददाता को बताया कि कर्नाटक के वन सटॉप सेंटर से पता चला कि सुषमा नाम की एक महिला वहां रहती है,जो अपने पति,गांव का नाम बता रही है।इसके बाद गोपालपुर थाना पुलिस स्टेशन से इसके बारे में पूरी जानकारी लेकर इसका सत्यापन कराया गया, फिर उसके पति, मनोज गिरी को फरवरी 2026 में बेतिया बुलाकर वीडियो कॉल कराई गई स्क्रीन पर पत्नी को देखते ही वह भावुक हो उठा,अपनी पत्नी को देखते ही पहचान गया,बाद में उसने अपनी पत्नी को सुरक्षित घर लाने कीअपील की।सिकटा प्रखंड के विशंभरा गांव निवासी, मनोज गिरी ने बताया कि वर्ष 2005 में सुषमा से शादी हुई थी,वर्ष 2017 में वह अचानक घर छोड़कर चली गई,उसको चार बच्चे थे,घर छोड़ते समय वह गर्भवती थी।
पति ने संवाददाता को बताया कि उसकी बहुत खोजबीन की गई,कई वर्षों तक परिवार वाले सभी जगह खोजबीन करते रहे पता लगाते रहे,मगर कोई आता पता,ठिकाना नहीं मिल सका तो परिवार वाले समझ गए कि उसकी मृत्यु हो चुकी है।अचानक कर्नाटक से फोनआने पर 
पत्नी के जिंदा होने की खबर मिली,इसके बाद वन स्टॉप केंद्र पर जाकर एक दूसरे से मिलन हो गया।
यह पल मेरे लिए जिंदगी  की खुशी का आखिरी पल हुआ।पत्नी से मिलन के बाद मैंने वन स्टॉप सेंटर काआभार व्यक्त किया, साथ ही इनके द्वारा मिलन का कार्य पहला रही।

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