उमाशंकर सिंह पंचतत्व में विलीन, अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब।

ब्यूरो चीफ़: किशन जायसवाल
बलिया, उत्तर प्रदेश।
रसड़ा विधायक उमाशंकर सिंह शुक्रवार को पंचतत्व में विलीन हो गए। पैतृक गांव खनवर से शिवरामपुर घाट तक निकली उनकी अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब उनकी लोकप्रियता की गवाही दे रहा था। करीब 30 किलोमीटर के रास्ते में सड़क के दोनों ओर लोगों की भीड़ रही। हर कोई अपने प्रिय नेता की अंतिम झलक पाने और उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए घंटों इंतजार करता रहा।
खनवर स्थित पैतृक आवास से जैसे ही अंतिम यात्रा निकली, माहौल गमगीन हो गया। लोगों की आंखें नम थीं और जुबां पर उमाशंकर सिंह का नाम था। यात्रा के आगे बढ़ने के साथ भीड़ लगातार बढ़ती गई। चौगढ़ा, चिलकहर, पेफना, चित्तू पांडेय चौराहा समेत रास्ते में जगह-जगह लोगों ने पुष्प अर्पित कर अपने नेता को अंतिम विदाई दी। कई स्थानों पर लोगों ने फूल बरसाकर श्रद्धांजलि दी।
अंतिम यात्रा के दौरान कई जगह भावुक कर देने वाला दृश्य देखने को मिला। उमाशंकर सिंह की अंतिम झलक पाने पहुंचीं महिलाएं उन्हें देखकर अपने आंसू नहीं रोक सकीं। कई महिलाएं फूट-फूटकर रो पड़ीं। किसी ने उन्हें अपना बेटा बताया तो किसी ने परिवार के सदस्य जैसा रिश्ता याद किया। इन दृश्यों ने पूरे माहौल को और गमगीन कर दिया।
करीब 30 किलोमीटर की अंतिम यात्रा में उमड़ी भीड़ ने यह संदेश दिया कि उमाशंकर सिंह की पहचान केवल एक विधायक के रूप में नहीं थी। उन्होंने लंबे सार्वजनिक जीवन में लोगों के बीच अपनी अलग जगह बनाई थी। यही वजह रही कि उनके अंतिम दर्शन के लिए गांवों और कस्बों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।
अंतिम यात्रा शिवरामपुर घाट पहुंची तो वहां पहले से ही बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। नम आंखों के बीच अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई। परिजनों, समर्थकों और क्षेत्रवासियों ने उन्हें अंतिम विदाई दी। इसके साथ ही उमाशंकर सिंह पंचतत्व में विलीन हो गए।
उमाशंकर सिंह के निधन से रसड़ा की राजनीति में एक बड़ा खालीपन पैदा हुआ है। उनके इकलौते बेटे यूकेश सिंह के सामने अब पिता की राजनीतिक और सामाजिक विरासत को आगे बढ़ाने की चुनौती है। समर्थकों की निगाहें भी अब यूकेश सिंह पर टिकी हैं।
उमाशंकर सिंह की अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब इस बात का गवाह रहा कि एक जनप्रतिनिधि के जाने का दुख केवल उनके परिवार तक सीमित नहीं रहा। हजारों लोगों की भीगी आंखों ने उन्हें अंतिम विदाई देकर यह बता दिया कि उन्होंने लोगों के दिलों में जो स्थान बनाया था, वह लंबे समय तक याद किया जाएगा।

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