मोहर्रम के जुलूसों को शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने वाले मुतवल्लियों और अमन के हिमायतियों को किया गया सम्मानित।

अमन और मोहब्बत के पैगाम के साथ 260 मुतवल्लियों का सम्मान।
सेराज अहमद कुरैशी 
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।
“सम्मान उनका जो मोहब्बत के रास्ते पर चलते हैं, अमन, प्यार और मोहब्बत से नफरत को मिटाया जा सकता है। इस तरह से अमन को पाला हमने, आग में घी न डाला हमने। इज्जत और सम्मान उनका, अमन का काम है जिनका।”
इन्हीं संदेशों के साथ गोरखपुर में अमन, भाईचारे और आपसी सौहार्द को मजबूत करने का संदेश दिया गया। इमामबाड़ा मुतवल्लियान कमेटी के तत्वावधान में पैगाम-ए-मोहब्बत के हिमायतियों, मुतवल्लियों तथा मोहर्रम के दौरान शांति एवं व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले लोगों के सम्मान में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम इस्लामिया इंटर कॉलेज, बक्शीपुर, गोरखपुर के अमन हाल में आयोजित हुआ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता इमामबाड़ा मुतवल्लियान कमेटी के सदर एवं जिला अध्यक्ष सैयद इरशाद अहमद ने की, जबकि संचालन डॉ. दिलशाद गोरखपुरी ने किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुफ्ती मोतिउर रहमान, शहर काजी गोरखपुर रहे। कार्यक्रम की शुरुआत कारी जमील अहमद मिस्बाही ने कलाम-ए-पाक की तिलावत से की।
समारोह में वक्ताओं ने कहा कि गोरखपुर शहर में मोहर्रम के त्योहार और विभिन्न जुलूसों को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित तरीके से सम्पन्न कराने में मुतवल्लियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। मुतवल्लियों ने प्रशासन, पुलिस और आम नागरिकों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर शांति एवं सौहार्द का वातावरण बनाए रखने में उल्लेखनीय योगदान दिया।
अमन कायम रखने वालों को मिला सम्मान। 
इमामबाड़ा मुतवल्लियान कमेटी के जिला अध्यक्ष सैयद इरशाद अहमद ने कहा कि मोहर्रम के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने और जुलूसों को शांतिपूर्वक सम्पन्न कराने वाले मुतवल्लियों तथा अमन-शांति के लिए कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित करने का उद्देश्य समाज में मोहब्बत, भाईचारे और सद्भावना का संदेश देना है।
उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने शांतिपूर्ण तरीके से मोहर्रम के जुलूसों को सम्पन्न कराने में अपनी जिम्मेदारी निभाई, वास्तव में वही सम्मान के हकदार हैं। उन्होंने इस कार्य में सहयोग के लिए जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
कमेटी के महासचिव हाजी सोहराब खान ने कहा कि अमन के चाहने वालों का खैरमकदम करना और उनका सम्मान करना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि समाज में नफरत को खत्म करने के लिए मोहब्बत और भाईचारे का संदेश लगातार आगे बढ़ाना जरूरी है।
मुख्य अतिथि मुफ्ती मोतिउर रहमान शहर काजी ने कहा कि अमन और शांति से ही देश और समाज तरक्की करेगा। इमामबाड़ा मुतवल्लियान कमेटी द्वारा अमन-शांति के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि मोहर्रम के दौरान शांति बनाए रखने और जुलूसों में अनुशासन कायम रखने में कमेटी की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने इसके लिए कमेटी के पदाधिकारियों और सभी मुतवल्लियों का शुक्रिया अदा किया।
विशिष्ट अतिथि डॉ. सौरभ पांडेय, धराधाम प्रमुख, तथा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष जसपाल सिंह ने सफल आयोजन के लिए इमामबाड़ा मुतवल्लियान कमेटी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि समाज में आपसी भाईचारा और सद्भाव बनाए रखने के लिए सभी वर्गों को मिलकर प्रयास करना चाहिए। उन्होंने हर सकारात्मक सामाजिक कार्य में अपना सहयोग देने का भरोसा भी दिलाया।
समाज के विभिन्न वर्गों की रही सहभागिता। 
सम्मान समारोह में समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने सहभागिता की और अमन, भाईचारे एवं सामाजिक एकता को मजबूत करने का संदेश दिया। कार्यक्रम में समाजसेवी अचित्य लहरी, राकेश यादव पूर्व जिला अध्यक्ष कांग्रेस पार्टी, शकील शाही, अशफाक मेकरानी, पार्षद दिलशाद राईन, आफताब अहमद, कबीर अली, डॉ. एहसान, मोहम्मद अनीस एडवोकेट, गुलाम अली खान, डॉ. आकिब अंसारी, डॉ. जावेद खान, हामिद अंसारी, वरिष्ठ पत्रकार सेराज अहमद कुरैशी, इरफान सिद्दीकी, सैय्यद रेहान, तनवीर आजाद, दानिश खान सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
260 मुतवल्लियों को अंगवस्त्र और उपहार देकर सम्मानित किया। 
समारोह के दौरान मोहर्रम के जुलूसों को शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने, अनुशासन बनाए रखने और अमन-शांति के लिए कार्य करने वाले मुतवल्लियों को अंगवस्त्र एवं उपहार देकर सम्मानित किया गया।
सम्मानित होने वालों में इमामुद्दीन, महफूज अंसारी, रियाज खान, मोहम्मद सलीम, नासिर अली, अब्दुल वहाब खान, सफीक अहमद, चांद खान, दिलशाद अहमद, निजामुद्दीन, नवाबुल हसन, मोहर्रम अली, अजहर आलम, वकील अहमद, राजू मुतवल्ली, अहमद अली, अहमद हुसैन, आफताब आलम, समीर अंसारी, इजराइल अली, शकील खान, कैश अख्तर, रेहान अली, शमीम अहमद, जमील अंसारी, तैयब अली, शलीम अहमद, एखलाख अहमद, महफूज आलम सहित कुल 260 मुतवल्लियों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने समाज में अमन, शांति, आपसी भाईचारे और मोहब्बत को मजबूत करने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि नफरत का जवाब नफरत से नहीं, बल्कि प्रेम, संवाद और आपसी सम्मान से दिया जाना चाहिए। समारोह ने गोरखपुर की गंगा-जमुनी तहजीब और सामाजिक एकता का संदेश देते हुए सभी को मिल-जुलकर अमन कायम रखने की प्रेरणा दी।

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