इदारा अदब इस्लामी हिंद बेतिया ने मनाया जशने आज़ादी का कार्यक्रम।
बेतिया, बिहार।
इदाराअदब इस्लामी हिंद बेतिया के बैनर तले, स्थानीय पैराडाइज़ इंग्लिश स्कूल के कैंपस में 80वीं स्वतंत्रता दिवस केअवसर पर,शेरों शायरी काअदबी प्रोग्राम का शुभारंभ किया गया,जिसकीअध्यक्षता, मुजीब-उल-हक ने की, इदारा एअदब इस्लामी हिन्द बेतिया केअध्यक्ष,डॉ. मुहम्मद क़मर-उज़-ज़मा क़मर ने निज़ामत की।
प्रोग्राम की शुरुआत पवित्र कुरान की तिलावत से हुई - जिसे हाफ़िज़ उज़ैरआलम ने की,क़ुरबान नदवी ने इसकाअनुवाद हिन्दी में किया।पहले पाली में, इदारा के सेक्रेटरी,फ़हीम हैदर नदवी नेआज़ादी के दिन पर अपना मुक़ाला पढ़ा। बाद में,पैराडाइज़ स्कूल के डायरेक्टर,मिस्टर हाफ़िज़ शमीमअहमद ने आज़ादी के दिन पर एक बहुत अच्छा प्रेरणादायक निबंध पेश किया।तस्नीम अहमद ने भीअपने भाषण से उपस्थित लोगों का मंत्रमुग्ध्य कर दिया।दूसरे पाली की शुरुआत,नातिया कलाम से हुई जिसे हाफिज मजीद ने पेश किया।इस कार्यक्रम का अध्यक्षये भाषण देते हुए, मुजीब-उल-हक ने कहा किआज हमेंअपने पिछले कामों का हिसाब करना चाहिए कि हमनेअपने देश के विकास के लिए पूरी ईमानदारी से क्या काम किया।कार्यकारी पार्टी की ज़िम्मेदारी बड़ी होती है, उसे कार्यकारी पार्टी की जिम्मेदारी बनती है कि लोगों से किए गए वादों को पूरा करके विश्वास प्राप्त करें,सत्ता में बने रहने के लिए देश को विभिन्न गुटों में बांटना देश को कमज़ोर करने के जैसा होता है। जिन कवियों शायरों ने अपनी कविताएँ सुनाईं, उनके नाम हैं,इफ़्तिख़ार वसी उर्फ़ क्रैक बतियावी
मुहम्मद क़मर-उज-ज़मान क़मर,डॉ ज़फर इइमाम कादरी,अरुण गोपाल,डॉ ज़ाकिर हुसैन ज़ाकिर,
अनिल अनल,सचिव जलेस,हसन इमाम कासमी,निखिल चंद पांडे इन के अतिरिक्त डॉ ज्ञानेश्वर गुंजन, मुजीब-उर-रहमान मुजीब कवि नवल ने भीअपनी रचनाओं से दर्शकों का मनोरंजन किया।अध्यक्ष के भाषण के बाद,इदारा अदब इस्लामी हिंद बेतिया के सचिव,फहीम हैदर नदवी ने पैराडाइज इंग्लिश स्कूल के डायरेक्टर एवं आयोजक,हाफिजशमीमअअहमद का शुक्रिया अदा करने के साथ साथ प्रोग्राम के समाप्त करने की घोषणा भी की।
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