बसपा के कद्दावर नेता उमाशंकर सिंह नहीं रहे, रसड़ा सहित पूरे प्रदेश में शोक की लहर।

ब्यूरो चीफ़: किशन जायसवाल
बलिया/लखनऊ, उत्तर प्रदेश। 
उत्तर प्रदेश की राजनीति को बुधवार को बड़ा झटका लगा, जब रसड़ा विधानसभा क्षेत्र से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के वरिष्ठ विधायक उमाशंकर सिंह का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वह लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे थे और दिल्ली में उनका इलाज चल रहा था। उनके निधन की खबर मिलते ही बलिया, रसड़ा और पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई।
उमाशंकर सिंह वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में बसपा के टिकट पर जीत दर्ज कर उत्तर प्रदेश विधानसभा में पार्टी के इकलौते विधायक बने थे। उन्हें बसपा प्रमुख मायावती के सबसे भरोसेमंद और करीबी नेताओं में माना जाता था। संगठन के प्रति उनकी निष्ठा और जनता के बीच उनकी मजबूत पकड़ ने उन्हें पूर्वांचल की राजनीति का प्रभावशाली चेहरा बना दिया था। बसपा के इकलौते विधायक थे जो विधानसभा में बसपा के तरफ से पहुंचे थे।
सरल स्वभाव, जनसेवा और क्षेत्र के विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के कारण उमाशंकर सिंह सभी दलों के नेताओं में सम्मानित थे। उनके निधन पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक संगठनों और हजारों समर्थकों ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे प्रदेश की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति बताया है। बलिया जिले में शोक का माहौल है और उनके आवास पर श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लगा हुआ है।

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